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संवाद सहयोगी, कोडरमा: पिछले वर्ष सुखाड़ की मार झेल रहे कोडरमा जिले में प्री-मॉनसून बारिश भी दगा दे गया। अब मॉनसून के इंतजार में कृषि विभाग व किसान आस लगाये बैठे है। हालांकि कृषि विभाग को प्राप्त राज्यस्तरीय रिपोर्ट के अनुसार मॉनसून एक सप्ताह लेट यानी 21 जून तक राज्य में प्रवेश करने तथा मॉनसून सामान्य रहने की संभावना जतायी गई है। ऐसे में किसानों को पूरी तरह एक्टिव किया जा रहा है। खेतों के अनुरूप खरीफ फसलों का चुनाव करने तथा पूरी तरह तैयार रहने को कहा जा रहा है। मई से जून मध्य तक प्री मॉनसूनी बारिश की स्थिति बेहद खराब रही है। मई में सामान्य 25 मीमी तक प्री मानसून बारिश होती है, लेकिन इस माह मात्र 2.3 मिमी बारिश हुई। वहीं जून मध्य तक भी बारिश की स्थिति खराब है। अब तक जून में मात्र 6.5 मिमी बारिश हुई है। जबकि जून माह में सामान्य वर्षापात 165 मिमी है। ऐसे में मॉनसून के आगमन के बाद इस आंकड़ा में सुधार की संभावना बनी हुई है। कृषि पदाधिकारी सुरेश तिर्की के अनुसार प्री-मॉनसूनी बारिश से किसान खेतों को तैयार करते है। लेकिन इस बार स्थिति बेहद खराब रही है। फसलों के लिए सिचाई की सुविधाओं का अब भी कमी है। ऐसे में किसानों को अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन करने की जरूरत है। मात्र 12 फीसदी वर्षा जल ही जल स्त्रोतों में जमा हो पाता है। पानी के अभाव में रबी फसल भी इस बार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों के आवश्यक खरीफ फसलों के बीज की मांग के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर राज्य को भेजा जा रहा है। किसानों को प्रोत्साहन के लिए कई योजनाएं भी शुरू की गई है। कृषि आर्शीवाद योजना भी किसानों के लिए सहायक सिद्ध हो रहा है।

Posted By: Jagran

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