संवाद सूत्र, चंदवारा (कोडरमा): तिलैयाडैम स्थित जनरल भगत सिंह रेस्ट हाउस में ग्राम विकास परामर्शी समिति निगम सामाजिक दायित्व तिलैया जल विद्युत केंद्र तिलैया डैम की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बरही विधायक सह निवेदन समिति के सभापति उमाशंकर अकेला ने किया। बैठक में तिलैया डैम से विस्थापित सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि तिलैया डैम निर्माण काल के समय डीवीसी द्वारा विस्थापितों के लिए जो वादे किए थे, वह आज तक तो नहीं किए। उन्होंने कहा कि विस्थापित गांव की समस्या को लेकर झारखंड के हेमंत सरकार चितित है। उन्होंने विस्थापित गांव में बीबीसी द्वारा मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने के लिए निवेदन समिति में डीवीसी के अधिकारियों को बुलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि डीवीसी को अपने सीएसआर फंड से गांव का विकास करना चाहिए था, जो आज तक नहीं किया गया। उन्होंने डीवीसी के अधिकारियों से कहा कि सभी पंचायतों में सिचाई व्यवस्था बहाल करने के लिए योजनाएं लाई जाए। साथ ही साथ क्षेत्र में मुफ्त बिजली, पानी आदि की व्यवस्था की जाय। बैठक के दौरान डीवीसी अधिकारियों द्वारा डीवीसी के घाटे में जाने की बात पर विधायक ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि डीवीसी तिलैया डैम और बांझेडीह से बिजली उत्पादन कर दूसरे राज्यों में बेचती है और यहां के विस्थापितों के लिए उन्हें ध्यान नहीं है। मौके पर चंदवारा प्रमुख लीलावती देवी, भूमि संरक्षण डीवीसी के निदेशक संजय सिंह, एसआइपी के प्रबंधक हरिश्चंद्र सिंह, अजय राय, मुखिया महेंद्र यादव, हजारीबाग सांसद प्रतिनिधि गणेश यादव, बरकट्ठा विधायक प्रतिनिधि सरयू प्रसाद वर्मा, दिगम्बर मेहता, सुनिता गिरी, भैरव प्रसाद, राजकुमार यादव, शीला देवी, अज्जू सिंह, पुष्पा देवी, जयनारायण रजक, कलवा देवी, किरण देवी, महेश प्रसाद, रघुवीर यादव, डॉक्टर निजाम, प्रियंका देवी, कैलाश राम, सरयू दास सहित कई लोग मौजूद थे।

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