जागरण संवाददाता, कोडरमा : जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित कोडरमा सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्त की कमी जरूरतमंदों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। कोरोना संक्रमण काल में रक्तदान करनेवालों की कमी से यह स्थिति बनी है। वर्तमान में यहां मात्र 30 यूनिट रक्त है। इसमें भी निगेटिव ग्रुप का रक्त मात्र एक यूनिट है। ऐसे में थैलिसेमिया, सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना के मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं कोरोना के मरीजों को भी कई बार रक्त की जरूरत पड़ती है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमित कुछ मरीजों को भी रक्त की जरूरत पड़ी है, जिन्हें करीब पांच यूनिट रक्त ब्लड बैंक से दिया गया। दरअसल पिछले करीब एक वर्ष से कोरोना संक्रमण के भय से रक्तदान करनेवालों की संख्या काफी कम हो गई है। सामाजिक स्तर पर भी कैंपों के आयोजन नहीं हो पा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कैंपों में रक्तदान के लिए बहुत कम संख्या में लोग टर्नअप हो रहे हैं। सोसायटी के चेयरमैन डा. दीपक के अनुसार गत 10 अप्रैल को सदर अस्पताल में कैंप लगाया गया था, जिसमें केवल दो लोग रक्तदान के लिए सामने आए। विभाग के तकनीशियन मो. जफर ने बताया कि ब्लड बैंक के थैलीसेमिया के मरीजों, सड़क दुर्घटना के पीड़ितों, कोरोना संक्रमितों को बिना रक्त के बदल रक्त दिया जाता है। जिले में थैलीसेमिया के मरीजों की संख्या करीब 35 है। जिन्हें प्रतिमाह रक्त की जरूरत होती है। इधर इनके ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं होने से इन्हें परेशानी हो रही है। कुछ सामाजिक संगठनों और नियमित रक्तदाताओं से संपर्क कर किसी तरह इनके लिए रक्त की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में ब्लड बैंक में 30 यूनिट ब्लड है। इसमें एक यूनिट बी पाजिटिव, 4 यूनिट एबी पाजिटिव, एक यूनिट बी नेगिटिव और एक यूनिट ए पाजिटिव व शेष ओ पाजिटिव ब्लड है।

कोट

कोरोना के कारण लोगों में कई तरह की भ्रांतियां है, जिसके कारण इन दिनों लोग रक्तदान के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इससे ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गई है। लोगों से रक्तदान के लिए लगातार अपील की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। रक्तदान से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, वरन रक्तदान कई तरह की बीमारियों से बचाव में फायदेमंद होता है।

डा. दीपक, चेयरमैन, जिला रेडक्रास सोसायटी, कोडरमा।

Edited By: Jagran