झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे

संवाद सूत्र, मरकच्चो (कोडरमा) : किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। रोहिणी और मिर्बिसरा नक्षत्र अल्प वृष्टि में ही गुजर गया। आद्रा नक्षत्र पड़ने के बाद भी झमाझम बारिश नहीं हुई थी। काली घटाएं शुक्रवार दोपहर के बाद जोरदार बारिश लेकर आई तो किसान से लेकर आम लाेग सभी झूम उठे। लंबे समय के बाद यहां आधे घंटे की बारिश हुई। बारिश से खेत खलिहान पूरे तालाब तो नहीं भरे लेकिन धान के बिचड़े और खेतों में बोई गई खरीफ फसलों में जान आ गई। बारिश के अभाव में धान के बिचड़े तैयार नहीं हो पा रहे थे। किसान उन बीजों में पंपसेट से पानी डालने के उपाय में जुट गए थे। बारिश होने के बाद बीजों में नई जान आई तो किसानों ने भी राहत की सांस ली। इससे पहले लंबे समय से किसानों को अच्छी बारिश नहीं मिल पाई ।आद्रा नक्षत्र में क्षेत्र के तालाब और खेत खलिहान अब तक नहीं भरे और जाते-जाते हथिया नक्षत्र में वर्षा नहीं होने से खेती लगभग मारी जाती है। अल्प वृष्टि के कारण किसानों को खेती को लेकर चिंता सता रही है। आषाढ़ में जेठ की दुपहरी का एहसास हो रहा है। उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। बारिश नहीं होने से धान के बिचड़े भी तैयार नहीं हुए हैं। ऐसी स्थिति में धान की रोपाई की शुरुआत नहीं की गई है। किसान कहते हैं कि यहां आषाढ़ से ही धान की रोपाई शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष धान की रोपाई नहीं हो पा रही है।

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