खूंटी, [कंचन कुमार]। लोकसभा चुनाव के मतदान की तारीख करीब आती जा रही है। सभी दलों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। लेकिन खूंटी के आकाश में अभी उड़नखटोला नजर नहीं आ रहा। प्रत्याशियों की जंग जमीन पर ही चल रही है। प्रचार के लिए वाहन लेने एवं कार्यालय खोलने की भी प्रतिस्पद्र्धा चल रही है। लेकिन यह प्रतिस्पद्र्धा मात्र दो प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अर्जुन मुंडा एवं कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा में ही जोर-आजमाइश देखी जा रही है। भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा के नामांकन के दिन 16 अप्रैल को शहर में उड़नखटोला दिखा था। राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा के पक्ष में रोड शो करने पहुंचे थे। रोड शो खत्म होने के बाद उड़नखटोला उड़ गया। इसके बाद से यह नजर नहीं आया है।

22 अप्रैल को कांग्रेस ने उड़नखटोला उतारने के लिए अनुमति मांगी थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार को आना था। अनुमति मिल भी गई। लेकिन उड़नखटोला नहीं पहुंच सका था। खूंटी के मैदान में कुल 11 प्रत्याशी हैं। प्रत्याशियों ने कोषांग से वाहन का उपयोग करने के लिए अनुमति मांगी है। लगभग 200 वाहनों की अनुमति दी चुकी है। अनुमति भाजपा एवं कांग्रेस की ओर से ही अधिक मांगी गई है।

कई निर्दलीय प्रत्याशी ने तो वाहन के लिए अनुमति भी नहीं मांगी है। 24 अप्रैल तक कुल 103 वाहनों के उपयोग की अनुमति दी गई थी। इनमें भारतीय जनता पार्टी के लिए 67, कांग्रेस के 22, झारखंड पार्टी के 09, बहुजन समाज पार्टी के 03 एवं निर्दलीय मीनाक्षी मुंडा के 02 वाहन हैं।

कार्यालय खोलने में कांग्रेस आगे

खूंटी विधानसभा क्षेत्र में कार्यालय खोलने में कांग्रेस पार्टी आगे चल रही है। कांग्रेस पार्टी के कुल आठ कार्यालय खोले जा चुके हैं। जबकि छह कार्यालय खोलकर भारतीय जनता पार्टी दूसरे स्थान पर है। झारखंड पार्टी ने भी अपने दो कार्यालय खोल रखे हैं। अन्य किसी प्रत्याशियों द्वारा कार्यालय खोले जाने की आधिकारिक सूचना प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है।

रैली निकालने में भाजपा आगे

खूंटी में रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी आगे चल रही है। 25 अप्रैल तक भाजपा तीन रैलियां कर चुकी है। वहीं कांग्रेस के खाते में मात्र एक रैली है। बहुजन समाज पार्टी, झारखंड पार्टी, राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी एवं झारखंड नव निर्माण दल के खाते में भी एक-एक रैली दर्ज है। स्ट्रीट कॉर्नर मीटिंग करने में भी भाजपा आगे चल रही है। भाजपा 11 मीटिंग कर चुकी है। एक नुक्कड़ नाटक भी कर चुकी है। जबकि स्ट्रीट कॉर्नर मीटिंग में कांग्रेस एवं झापा बराबरी पर है। दोनों ने इस तरह की तीन-तीन बैठकें की हैं।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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