खूंटी : पत्थलगड़ी समर्थक गांवों में भी लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह चरम पर रहा। मतदाताओं ने जमकर मतदान करते हुए पत्थलगड़ी समर्थकों को करारा जवाब दिया है।

मतदान के प्रति उत्साह का आलम यह था कि लोग सुबह से ही वोट डालने के लिए कतार में लग गए थे। क्या महिला और क्या पुरुष, हर किसी में वोट डालने को लेकर भारी उत्साह था। इसी का नतीजा था कि सुबह नौ बजे तक पत्थलगड़ी प्रभावित गांवों भंडरा, हेस्साहातू, हेसाग, सिलादोन, भूत व मारंगहादा में 12.10 फीसद वोट डाले जा चुके थे। मतदान समाप्त होने तक लगभग 55 फीसद मतदान हुआ। वहीं, सायको व किताहातु आदि नक्सल प्रभावित गांवों में जमकर मतदान हुआ। किताहातु बूथ में वोट डालने के लिए मतदाताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। मतदाताओं द्वारा किए गए भारी मतदान ने नक्सलियों को भी यह संदेश दे दिया कि बुलेट पर बैलेट भारी है।

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मारंगहातु गांव में बने बूथ पर पड़े मात्र पांच वोट

पत्थलगड़ी समर्थक क्षेत्रों में जमकर मतदान हुआ लेकिन खूंटी प्रखंड के मारंगहातु गांव में बने 123 नंबर बूथ में मात्र चार-पांच वोट ही पड़े। हालांकि, मतदान की संख्या पूछे जाने पर उक्त बूथ के पीठासीन अधिकारी ने बताने से साफ इन्कार कर दिया, इसलिए सही संख्या नहीं पता चल सकी। इस संबंध में पूछे जाने पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त सूरज कुमार ने बताया कि उक्त गांव में स्वीप कार्यक्रम के तहत कई बार मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया था। गत पांच दिसंबर को ग्राम सभा के साथ प्रशासन की बैठक हुई थी, उसमें ग्रामसभा ने निर्णय लिया था कि शत-प्रतिशत मतदान किया जाएगा। बावजूद इसके मतदान नहीं के बराबर हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशासन मतदान करने के लिए जागरूक तो करता है, लेकिन वह किसी पर वोट देने के लिए दबाव नहीं बना सकता है।

Posted By: Jagran

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