खूंटी : भाकपा माओवादी के दो लाख रुपये के इनामी नक्सली एरिया कमांडर महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा ने मंगलवार को खूंटी पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। वह सिल्ली कसमार जोन का एरिया कमांडर था। सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर उसने सरेंडर किया है। डीआइजी एवी होमकर, एसपी अश्रि्वनी कुमार सिन्हा व अन्य पुलिस अधिकारियों ने गुलदस्ता देकर उसके मुख्यधारा में शामिल होने का स्वागत किया। मौके पर सरकार द्वारा घोषित दो लाख रुपये का चेक भी महेंद्र मुंडा को सौंपा गया।

डीआइजी ने कहा कि 2011 में नक्सली बना महेंद्र मुंडा सबसे पहले लावा पातर के दस्ते में शामिल हुआ। इसके बाद महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा, जीतराय मुंडा, प्रदीप स्वासी, लोडरो लोहरा और जीवन कंडुलना के दस्ते में भी रहा है। महेंद्र के खिलाफ खूंटी थाने में सात मामले दर्ज हैं। वहीं, सरायकेला खरसावा जिले के विभिन्न थानों में भी उग्रवादी गतिविधियों को लेकर कई मामले दर्ज हैं। डीआइजी ने कहा कि महेंद्र मुंडा की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी।

---------

¨हसा से समाज एकजुट नहीं रह सकता :

आत्मसमर्पण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए महेंद्र मुंडा ने कहा कि वह नक्सली गतिविधियों से आजिज आ चुका था। वह समाज की मुख्य धारा में शामिल होना चाहता था। सरेंडर पॉलिसी ने उसे प्रभावित किया। खूंटी एसपी अश्रि्वनी कुमार सिन्हा की पहल पर उसने सरेंडर कर दिया। उसने कहा कि हिंसा से समाज को एकजुट नहीं रखा जा सकता है। महेंद्र ने मुख्यधारा से भटके युवाओं से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट जाएं और सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाएं।

-----------

हत्या समेत कई वारदातों को दिया था अंजाम :

महेंद्र मुंडा ने 12 मई 2014 को अड़की थाना के गम्हरिया कोचाग पुल के ईंट भट्ठे में महेंद्र मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस गोलीबारी में देवेंद्र मुंडा व मनीराम मुंडा घायल हो गए थे। इन तीनों पर माओवादियों ने सिर्फ इसलिए फाय¨रग की थी, क्योंकि उन्होंने माओवादियों का साथ देने से इन्कार कर दिया था। इस घटना में लोगरो लोहरा, रजनी स्वांसी, बलराम मुंडा, परौ मुंडा सहित पाच छह अन्य नक्सली शामिल थे। महेंद्र मुंडा ने 23 जून 2016 को पश्चिमी सिमभूम के हुरंगगड़ा में जेसीबी और अन्य कई वाहनों को विस्फोट कर उड़ा दिया था। आठ फरवरी 2017 को महेंद्र मुंडा ने नोयडा पाहन, महाराज प्रामाणिक, अमित मुंडा, राकेश मुंडा के साथ मिलकर खरसावा थाना के प्रदान गोड़ा ओर कतिदिरी के बीच पुलिस पार्टी को उड़ाने के लिए बम लगाया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। इसके अलावा चौका थाना के रोड में बारूदी सुरंग लगाने, बीरबाकी प्रोजेक्ट हाई स्कूल, अस्पताल और टावर को विस्फोटक से उड़ाने, 6 फरवरी 2018 को चलकद, कुदलता जंगल में पुलिस के साथ मुठभेड़ सहित कई अन्य नक्सली घटनाओं में महेंद्र मुंडा शामिल रहा है।

------------

Posted By: Jagran