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झारखंड में गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने से महिला की मौत, प्रशासन ने बिरसा अस्पताल सील कर जांच की शुरू

Published: Tue, 07 Jul 2026 03:06 AM (IST)

खूंटी के बिरसा अस्पताल में कथित तौर पर गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाने से एक महिला की मौत हो गई।

बिरसा अस्पताल किया गया सील। (जागरण)

बिरसा अस्पताल किया गया सील। (जागरण)

HighLights

  1. खूंटी के बिरसा अस्पताल में महिला की मौत का मामला।

  2. गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाने का आरोप परिजनों का।

  3. जिला प्रशासन ने अस्पताल को सील कर जांच शुरू की।

संवाद सूत्र, खूंटी। खूंटी के जियारप्पा स्थित निजी बिरसा मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च अस्पताल में कथित रूप से गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने से एक महिला की मौत का मामला सामने आया है।

घटना के बाद जिला प्रशासन ने सोमवार शाम अस्पताल को सील कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बगड़ू गांव निवासी नागु मुंडा की पत्नी बुधनी देवी (40) को पेट दर्द की शिकायत होने पर बिरसा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जांच के बाद चिकित्सकों ने पथरी (स्टोन) की समस्या बताते हुए उनका ऑपरेशन किया। स्वजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल ने महिला का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव बताया।

इसी आधार पर 26 एवं 27 जून को रांची के राज अस्पताल और पारस अस्पताल से चार यूनिट ए पॉजिटिव रक्त मंगाकर चढ़ाया गया। बाद में जब और रक्त की आवश्यकता हुई तो महिला को खूंटी सदर अस्पताल भेजा गया।

वहां ब्लड ग्रुप की दोबारा जांच और क्रॉस-मैचिंग के दौरान महिला का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव पाया गया। परिजनों ने एक निजी जांच केंद्र में भी ब्लड ग्रुप की पुष्टि कराई, जहां रिपोर्ट ओ पॉजिटिव ही आई।

स्वजनों का आरोप है कि गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने के कारण बुधनी देवी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति में उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया, जहां रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

अस्पताल सील

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा।

सोमवार शाम अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी, सिविल सर्जन डॉ. ललित रंजन पाठक एवं अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार प्रशासनिक टीम के साथ बिरसा अस्पताल पहुंचे और कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इधर, बिरसा अस्पताल के संचालक अशोक कुमार भगत ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना पूरी जांच और तथ्य सामने आए अस्पताल को सील करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

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