खूंटी : खूंटी जिला प्रशासन और गैर सरकारी संस्था निमित्त के सहयोग से आयोजित सामूहिक वैवाहिक समारोह में राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ऑनलाइन शामिल हुईं। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने अपने शुभकामना संदेश में नवविवाहित जोड़ों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि झारखंड के गांव में ऐसे हजारों जोड़े रहते हैं, जिनकी औपचारिक रूप से विवाह नहीं हुई है। ऐसे परिवारों के लिए यह कार्यक्रम उम्मीदों को जागृत करता है जो बिना विवाह के अनिश्चितता और असुरक्षा भरे अंधेरे में जीवन जीने को विवश थे। सामाजिक असुरक्षा के कारण सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी कई अड़चनें आती थीं। बगैर सामाजिक धार्मिक रीति रिवाज के लिव-इन में रहने वाले परिवारों को गांव में सम्मान की ²ष्टि से नहीं देखा जाता था। ऐसे में असुरक्षा की भावना में महिलाओं को मानसिक तनाव के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जागरूकता के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

इस दौरान भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एनएन सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य वैसे जोड़ों के जीवन में नई दिशा मिलेगी, जो खराब आर्थिक स्थिति एवं कई अन्य वजहों से शादी नहीं कर पाते। वहीं कहीं जोड़ों के लिए आयोजन का खर्च उठाना भी संभव नहीं होता। समाज की इन कुरीतियों की वजह से इन जोड़ों को बिना शादी किए साथ रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा विवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लाभुकों से आवेदन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज लिए गए। साथ ही जिला अवर निबंधन कार्यालय द्वारा विवाहित जोड़ों का विवाह पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज लिए गए। आयोजन स्थल में प्रतिनियुक्त वीएलई द्वारा जिन लाभुकों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनका आधार कार्ड बनाया गया। इसके साथ ही जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा शाखा, प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया, खूंटी से समन्वय स्थापित कर लाभुकों का बैंक खाता खुलवाने के लिए आवेदन प्राप्त कर आवश्यक सहयोग किया गया।

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अगले साल पांच हजार जोड़ों की शादी रचा कर विश्व रिकार्ड बनाने का है लक्ष्य : निकिता

जासं, खूंटी : स्वयंसेवी संस्था निकिता की सचिव वरिष्ठ आइएएस अधिकारी एनएन सिन्हा की पत्नी निकिता सिन्हा ने कहा कि आने वाले वर्ष में औपचारिक शादी के बिना साथ रह रहे पांच हजार जोड़ों की शादी कराकर विश्व रिकार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्था वर्ष 2016-17 से लगातार ऐसे आयोजन कर रही है। अब तक संस्था द्वारा 630 जोड़ों की विधिवत शादी कराई गई है। उन्होंने कहा कि रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम आदि जिलों में अभी भी लाखों जोड़ें आर्थिक तंगी के कारण औपचारिक शादी के बिना पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे हैं। उन्होंने इस आयोजन में सहयोग के लिए खूंटी उपायुक्त की भूमिका की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे उपायुक्त मिल गए, तो आगामी वर्ष में पांच हजार जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।

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माता-पिता की शादी में शामिल हुए बच्चे

बिरसा कॉलेज स्टेडियम में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अधिकांश जोड़े बाल बच्चेदार थे। शादी समारोह में जोड़ों के साथ उनके बच्चे भी शामिल हुए थे। कई बच्चे तो अबोध थे। माताएं उन्हें गोद में लेकर विवाह की रस्में पूरी कर रही थीं। दूसरी ओर कई जोड़े उम्रदराज भी थे। उलीहातू गांव के 71 वर्षीय विमल पाहन ने 64 वर्षीय चंदू देवी से विधिवत विवाह सूत्र में बंधे। औपचारिक शादी के बिना दोनों दशकों से पति-पत्नी की तरह साथ रहे थे, लेकिन अब तक उनका कोई बच्चा नहीं हो सका है। बाकी बचे जीवन को समाज में सम्मान से गुजारने के लिए उन्होंने विधिवत शादी समारोह में भाग लिया। इसी प्रकार उलिहातू गांव के ही 61 वर्षीय नवीन पूर्ति 58 वर्षीय नागी पूर्ति के साथ विधिवत विवाह रचाया। यह दोनों भी वर्षो से साथ रह रहे हैं और इनके दो बच्चे भी हैं, जो बड़े हो गए हैं।

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दो सगे भाइयों के साथ दो सगी बहनें भी बंधीं विवाह बंधन में

सामूहिक विवाह समारोह में मारंगहादा थाना अंतर्गत गाड़ीगांव निवासी सामूएल मुंडा तथा मदीराय मुंडा नामक दो सगे भाइयों के साथ दो सगी बहने ज्योतिका टूटी तथा रानी टूटी भी विधिवत विवाह बंधन में बंधीं। उक्त दोनों भाइयों के साथ भी दोनों बहने वर्षों से लिव इन रिलेशन में रह रही थीं। दोनों के दो-दो बच्चे हैं।

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