यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो दिनों से हो रही आंशिक जलापूर्ति, पेयजल के लिए लोग हैं परेशान
खूंटी शहर में दो दिनों से हो रही आंशिक जलापूर्ति के कारण ऊपरी इलाके में बसे घनी आबादी वाले कर्रा ...और पढ़ें

खूंटी : खूंटी शहर में दो दिनों से हो रही आंशिक जलापूर्ति के कारण ऊपरी इलाके में बसे घनी आबादी वाले कर्रा रोड, नेताजी चौक, मिश्रा टोली आदि मोहल्लों में जल संकट गहराने लगा है। तजना नदी में इंटकवेल के समीप बने वियर में पर्याप्त पानी होने के बावजूद तजना जलापूर्ति केंद्र से ऊपरी इलाके में बसे उक्त मोहल्ले की बड़ी आबादी तक जलापूर्ति का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वर्षों पूर्व जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने के दौरान की गई तकनीकी गड़बड़ी के कारण जलापूर्ति का पानी निचले इलाके में बह जाता है। पाइपलाइन भरने के बाद जब ऊपरी क्षेत्र के मोहल्लों में नल से पानी गिरना शुरू ही होता है, तब तक जलापूर्ति बंद हो जाती है। इस स्थिति में किसी-किसी घरों में नल से महज एक-दो लोटा पानी मिलता है, वही कर कई घर ऐसे भी हैं जहां एक बूंद पानी भी नल से नहीं टपकता। दूसरी ओर निचले इलाके में बसे मोहल्लों में जलापूर्ति का पानी छत के ऊपर पानी टंकी तक पहुंच जाता है। आंशिक जलापूर्ति के कारणों का पड़ताल करने पर चौंकाने वाले तथ्य उभरकर सामने आए। जानकारी मिली कि इंटक बेल और फिल्ट्रेशन प्लांट से पानी चलाने वाले कर्मियों की गैर जिम्मेदाराना रवैया के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बताया गया कि बिजली रहने के बावजूद एक लाख गैलन क्षमता की जलमीनार को दो दिनों से पूरी तरह भरा नहीं जा रहा है। जलमीनार से महज तीस चालीस हजार लीटर पानी का सप्लाई की जा रही है। इससे शहर के निचले इलाके में सुबह-शाम पर्याप्त पानी तो मिल जा रहा है, लेकिन ऊपरी इलाके के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने लगे हैं। ऊपरी इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि जलमीनार को पूरी तरह से भर कर जलापूर्ति किए जाने से काम चलने लायक थोड़ी बहुत पानी मिल जाती है, लेकिन जलमीनार से आधा अधूरा पानी सप्लाई करने पर एक एक बाल्टी पानी के लिए लोग तरस जाते हैं। अगर जलमीनार भरने में कठिनाई हो रही हो, तो सुबह-शाम की जगह एक ही समय जलमीनार को भरकर जलापूर्ति की जोए तो ऊपरी इलाके के मोहल्लों में भी थोड़ा-बहुत पानी मिल सकता है। यहां यह उल्लेखनीय है कि शहर के ऊपरी हिस्से में बसे उक्त मोहल्लों के अधिकांश तालाब गर्मी के प्रारंभ में ही सूखने लगते हैं। जल स्तर नीचे होने के कारण अधिकांश चापाकल भी जवाब दे देते हैं। ऐसे में गर्मी के मौसम में इन मोहल्लों की बड़ी आबादी तजना जलापूर्ति केंद्र पर ही आश्रित रहती है। इन मोहल्लों में एक दिन भी जलापूर्ति का पानी नहीं पहुंचने पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
