खूंटी : असत्य पर सत्य की और अधर्म पर धर्म की विजय की प्रतीक विजयादशमी और शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि पूरे इलाके में पारंपरिक हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महानवमी को हवन के साथ नवरात्र का समापन हुआ, वहीं विजयादशमी के दिन लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी। लोगों ने बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मौके पर जिला मुख्यालय समेत तोरपा और मुरहू में रावण दहन किया गया। नवमी व विजयादशमी पर माता दुर्गा और देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। कई पूजा पंडालों में नवमी और विजयादशमी के दिन भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय समेत तोरपा, कर्रा, रनिया, मुरहू व अड़की सहित सभी ग्रामीण इलाकों में दुर्गोत्सव की धूम रही। जिला मुख्यालय में सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति नेताजी चौक, सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति भगतसिंह चौक व मिश्रा टोली का पूजा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बुधवार को सभी जगहों पर विसर्जन की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। ढोल-तासों और बैंड की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने विसर्जन यात्रा में भाग लिया। विसर्जन यात्रा में लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। सभी पूजा पंडालों की प्रतिमाओं को बड़े वाहनों में लादकर विसर्जन निकाली गयी लेकिन कर्रा रोड स्थित चौधरी मुहल्ले की प्रतिमाओं को परंपरागत ढंग से बगड़ू गांव के आदिवासी अपने कंधों पर उठाकर तालाब तक ले गए, जहां विधान के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। लोगों ने नम आंखों से माता रानी को विदाई दी। देर रात तक प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। जिला मुख्यालय की अधिकतर प्रतिमाओं का विसर्जन स्थानीय राजा तालाब में किया गया। इससे पूर्व विजयादशमी के मौके पर महिलाओं ने बंगाली परंपरा के अनुसार सिदूर की होली खेली और एक-दूसरे के अखंड सौभाग्य की कामना की। जरियागढ़ और रायसिमला में हुई तांत्रिक पूजा

खूंटी : छोटानागपुर की पुरानी रियासत जरियागढ़ और तोरपा प्रखंड के रायसिमला व ईचा सहित कई जगहों पर तांत्रिक पद्धति से मां भवानी की पूजा-अर्चना की गयी। पूजा के दौरान जरियागढ़ और रायसिमला में दर्जनों बकरों की बलि दी गयी। जरियागढ़ और रायसिमला में महाशष्ठी से लेकर विजयादशमी जक हर दिन बकरे की बलि देने की प्रथा है।

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असत्य पर सत्य की विजय को दर्शाता है दशहरा

केकेबीके के तत्वावधान में खूंटी के महादेव मंडा स्थित मैदान में मंगलवार को 60 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि दशहरा का त्योहार असत्य के विरुद्ध सत्य की विजय को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से सत्य के मार्ग पर चलकर समाज को सही दिशा देने और समाज के हित में कार्य करने की अपील की। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अर्जुन पाहन, उपाध्यक्ष राखी कश्यप, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष ओपी कश्यप, केकेबीके क्लब के अध्यक्ष संदीप कुमार, महामंत्री कृष्णा राम, राहुल गौंझू, राहुल महतो, काजू ठाकुर, पवन ठाकुर, चामू महतो, रोशन महतो, मोतीलाल महतो, राजू महतो, देवनाथ महतो, सुनील नायक, पुरुषोत्तम सिंह, तोता महतो व कैलाश महतो समेत बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों लोग मौजूद थे।

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भारी बारिश के बीच धू-धूकर जला रावण

महादेव मंडा में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में रावण के पुतले को जलाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कई बार प्रयास किया लेकिन रावण दहन में उपयोग किया जाने वाला रॉकेट नहीं चला। ऐसे में आतिशबाजी छुड़ाकर कोरम पूरा करते हुए मंत्री वहां से चले गए। इसके बाद क्लब के सदस्यों के अथक प्रयास के बाद रावण के पुतले में आग तो लग गई लेकिन आग ने जोर नहीं पकड़ा। इसी दौरान तेज बारिश होने लगी और तेज बारिश के बीच ही रावण धू-धूकर जल उठा।

Posted By: Jagran

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