खूंटी, जासं। नक्सल प्रभावित सायको थाना क्षेत्र के आड़ा गांव में अज्ञात लोगों ने शुक्रवार की रात भाजपा नेता व कुड़ापूर्ति पंचायत के उप मुखिया शीतल मुंडा (50 वर्ष) व उनकी पत्नी मादे मुंडाइन की गोली मारकर हत्या कर दी। रात लगभग साढ़े नौ बजे हुई इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कोई भी व्यक्ति कुछ बोल नहीं रहा। दबी जुबान से आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ है। सुबह घटना की सूचना मिलने पर सायको पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की तहकीकात शुरू की।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खूंटी सदर अस्पताल भेज दिया। बाद में खूंटी एसपी आशुतोष शेखर भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से छह खोखे बरामद किए हैं। विधानसभा चुनाव से पूर्व हुए इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिलने पर डीआइजी एबी होमकर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सायको थाने में पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।

इधर, जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ ङ्क्षसह मुंडा पोस्टमार्टम हाउस गए और वहां शीतल मुंडा के परिजनों से मिले। दोनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शीतल मुंडा सायको क्षेत्र में भाजपा के  प्रमुख स्तंभ थे। उनके और उनकी पत्नी के हत्यारों को पुलिस अविलंब गिरफ्तार करे। बताया गया कि शुक्रवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे शीतल मुंडा खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। उनके घर का दरवाजा खुला था।

इसी बीच, तीन सशस्त्र नकाबपोश उनके घर में घुस आए और बिना कुछ बोले कुर्सी पर बैठे शीतल मुंडा को लक्ष्य कर गोलियां दाग दीं। उनकी पत्नी मादे मुंडाइन ने उनसे भिड़कर दरवाजा बंद करने का प्रयास किया, तो एक अपराधी ने उनकी कनपटी में एक गोली मारी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद शीतल मुंडा को पुन: गोली मारी, जिससे उनकी भी मौत घटनास्थल पर ही हो गई। दंपती की हत्या के बाद अपराधी घर में रखे बक्सों को खोलकर कुछ तलाश करने लगे और कुछ नकदी व कीमती सामान लेकर गांव के समीप जंगल की ओर चले गए।

बताया गया कि घटना के दौरान दंपती के अलावा उनकी छोटी पुत्री 12 वर्षीया बासुकी घर में मौजूद थी। हत्या किए जाने के बाद उसने अपराधियों से कहा कि हमारे माता-पिता को क्यों मारा, इस पर अपराधियों ने कहा कि तुम्हारे पिता ने जो तालाब का काम कराया था, उसमें हम लोगों को पैसा नहीं दिया था। इसीलिए हमने उसे मार डाला। सभी नकाबपोश पैदल ही गांव में आए थे और बस्ती के बीच में स्थित शीतल के मकान में इस दुस्साहसिक घटना को अंजाम देकर पैदल ही निकट के जंगल की ओर भाग गए।

'हाल के कुछ वर्षों से भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है। इसे प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। यह जांच की जानी चाहिए कि भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या क्यों की जा रही है। शीतल मुंडा और उनकी पत्नी के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए।' - अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री।

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