जामताड़ा : जामताड़ा नगर थाना क्षेत्र में दिलीप मंडल नामक व्यवसायी को बंधक बनाने व उससे रंगदारी मांगने, पुलिस प्रशासन के साथ बदसलूकी

करने एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मंगलवार को नगर थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई।

पीड़ित महिला के आवेदन पर कांड संख्या 96/18, आरोपित व्यवसायी

दिलीप मंडल के आवेदन पर कांड संख्या 97/18 व एएसआइ सुरजीत प्रसाद ¨सह के आवेदन पर कांड संख्या 98/18 दर्ज किया गया है।

पीडि़ता ने दुष्कर्म व छेड़खानी का आरोप लगाते हुए व्यवसायी दिलीप मंडल को नामजद अभियुक्त बनाया है। दिलीप मंडल नारायणपुर थाना क्षेत्र के मझलाडीह का निवासी है। वह जेसीबी व ट्रैक्टर भंडारों के आस पास गांव में चलवाता है।

दूसरे कांड में व्यवसायी दिलीप मंडल ने नाजायज मजमा बनाकर

हरवे हथियार से लैस होकर जान से मारने की नीयत से मारपीट करने, जख्मी करने, बंधक बनाने व रंगदारी की मांग करने के आरोप में 19 आदिवासियों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इसमें बालदेव मुर्मू, दरबारी

मरांडी, रामेश्वर बेसरा, फूचा मरांडी, लखींद्र मरांडी, राम मरांडी, मुटका

मरांडी, सुनील मरांडी, महारानी मुर्मू, मुक्कु सोरेन, बाहामुनी मुर्मू,

यशोदा किस्कू, चम्पा मुर्मू, फुलमनी सोरेन, बारसोनी मरांडी, सूर्यमुनी

सोरेन, श्यामन मरांडी, लच्छु मरांडी, बसंत मरांडी है। वहीं दिलीप मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज

दिया है। इस कांड में 200 अज्ञात भी शामिल है।

- पुलिस ने 20 को बनाया नामजद : दरअसल दिलीप मंडल को बंधक बनाने की सूचना मिलने पर नगर थाना की पुलिस गांव पहुंची। बाद में एसडीपीओ पूज्य

प्रकाश पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को कानून अपने हाथ में नहीं लेने की

नसीहत घंटों दी पर ग्रामीण थे कि मानने को तैयार नहीं थे।

ऐसी स्थिति आ गई थी की पुलिस जवानों को अपना आ‌र्म्स संभालना मुश्किल हो रहा था। इसकी सूचना जिला के उच्चाधिकारियों को दी गई। वहां संयम बरतने की नसीहत मिल रही थी। एसडीपीओ पूज्य प्रकाश सरकारी कार्यक्रम को लेकर सीमा से अधिक खुद को संतुलित किए रखे। पुलिस के वाहन के टायर की हवा तक खोल दी गई। पंचायत से अलग कुछ दूरी पर अधिकारियों को रखा गया। बदसलुकी की हद पार की जा रही थी। फिर भी पुलिस प्रशासन विचलित नहीं

हुआ। दोपहर में एसडीओ नवीन कुमार वहां पहुंचे। दोनों अधिकारियों को भीड़ ने दूर अलग खड़ा कर दिया था। इसके पहले आदिवासियों के उक्त मामले को लेकर दिलीप मंडल के खिलाफ पंचायती करने लगे। विधि व्यवस्था रखने को लेकर पुलिस इर्द-गिर्द घुमती रही। इन तमाम वाक्या को लेकर जामताड़ा थाना के एएसआइ सुरजीत प्रसाद ¨सह ने 20 आदिवासियों समेत 200 अज्ञात के विरुद्ध कांड 98/18 दर्ज कराया। नामजदों पर पुलिस ने नाजायज मजमा बनाकर जान मारने की नीयत, सरकारी काम में बाधा डालने, रंगदारी करने व सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने व बंधक बनाने का आरोप लगाया है। इसमें सहदेव मुर्मू, बालदेव मुर्मू, सोनेलाल मरांडी, लखींद्र मरांडी, राम मरांडी, सुनील मरांडी, रामेश्वर बेसरा, दरबारी मरांडी, फुपा मरांडी, फुलमनी सोरेन, बसोनी मरांडी, सूरजमुनी सोरेन, चंपा मुर्मू, महारानी मुर्मू, मक्कु सोरेन,

दुसादी किस्कू, बाहा मुर्मू, सायमन मरांडी, यूथ मरांडी, बसंत मरांडी को नामजद अभियुक्त बनाया गया। गुरुवार से नामजद की गिरफ्तारी व उसके बाद रिमांड की कार्रवाई तय माना जा रहा है।

Posted By: Jagran

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