विद्यासागर (जामताड़ा) : विभागीय उदासीनता का एक और नजारा शनिवार को देखने को मिला। सरकार निचले क्रम के जनता तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए कर्मियों को कार्य करने के लिए लगा रही है परंतु कर्मी अपने पेट भरने के लिए लोगों की योजना को डकार रहे हैं। मामला है पोषाहार वितरण का। थनारडीह गांव में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हो हंगामा किया।

प्रखंड क्षेत्र के थनारडीह आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 132 में ग्रामीणों ने सेविका शाहीदा खातून पर पोषाहार वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। पोषाहार में दाल, मूंगफली, गुड़, चावल सभी आधे से कम मात्रा में सेविका द्वारा वितरण किया जा रहा था जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक समुदाय के लोगों को सही मात्रा में सामान दिया जा रहा था जबकि दूसरे समुदाय के लोगों को कम मात्रा में सामग्री दी जा रही थी। जिसको लेकर हिदू समुदाय के लोगों ने घटनास्थल पर सेविका के खिलाफ हो हंगामा करने लगे। इस दौरान सेविका के परिजन व ग्रामीणों के बीच हाथापाई की भी नौबत आ गई। इसकी सूचना उपायुक्त तक पहुंची व घटनास्थल पर प्रभारी थाना प्रभारी तस्लीम अहमद खान व एएसआइ लव कुमार सदल बल के साथ पहुंचे व मामला को शांत कराने का प्रयास किया।

पुलिस प्रशासन आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच कर मामला को शांत कराया। पुलिस ने वहां देखा कि सेविका आधे से ज्यादा सामग्री की कटौती कर छात्र-छात्राओं, गर्भवती, धात्री महिला को पोषाहार वितरण कर रही थी। मौके पर थाना प्रभारी ने मुखिया व वार्ड सदस्यों के समक्ष पूर्ण पोषाहार वितरण करने का आदेश दिया। जांचोपरांत यह भी देखा गया कि केंद्र में कुल 30 छात्र-छात्राओं का नाम अंकित है जिनका पिछले कई महीनों से 30 में 30 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति लगातार सेविका द्वारा दर्शायी जा रही है व उपस्थित पंजिका में यह भी देखा गया कि 14 व 15 फरवरी को उपस्थिति पंजिका में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नहीं दर्शाया गया है। पूछने पर बताया कि दो-तीन दिन में उपस्थिति बनाते हैं जबकि ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र में मात्र आठ से 10 बच्चे प्रतिदिन उपस्थित होते हैं। सारा पोषाहार हड़प लेती हैं। मौके पर जब सेविका से निरीक्षण पंजी मांगा गया तो केंद्र में नहीं मिला। जब पूछा गया तो बताया कि पिछले एक वर्ष से केंद्र का निरीक्षण न ही सीडीपीओ द्वारा किया गया है और न ही लेडी सुपरवाइजर ने की। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग द्वारा काफी उदासीनता बरती जा रही है। ग्रामीण जाबिर अंसारी, भूदेव कुमार यादव, संजय यादव, नरेश रवानी, भरत रवानी, आनंद महतो, विशन महतो, गोपाल, किशोर महतो, जलेश्वर महतो, भरत महतो ने उपायुक्त से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।

मालूम हो कि प्रखंड में सीडीपीओ व दो सुपरवाइजर के भरोसे 18 पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्रों का देखरेख चल रहा है। परंतु विभाग की निगरानी नहीं होने के कारण मनमानी कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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