संवाद सहयोगी, नारायणपुर (जामताड़ा) : एक और जहां अन्य स्थानों पर हरी सब्जियों के भाव सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भाव बढ़ने के कारण लोगों की थाल से हरी सब्जियां गायब हो रही है। वहीं नारायणपुर बाजार में हरी सब्जियों के भाव गिरने से हरी सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान हो रहा है। लॉकडाउन में यहां की सब्जियां बाहर नहीं जा पा रही है। नतीजतन प्रखंड क्षेत्र में हुई सारी सब्जियां नारायणपुर बाजार पहुंच रही है। लाजमी है सब्जियों के भाव कम होंगे ही। दोपहर दो बजे तक ही दुकान लगाने का आदेश है। नारायणपुर बाजार में वर्तमान समय में कद्दू पांच से 10 रुपये प्रति पीस, झींगा, करेली, खीरा, पटल, कुंदरी तथा पालक साग 10 प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। वहीं दोपहर एक बजे के बाद तो सब्जी मन मुताबिक दरों पर खरीदी जा सकती है। सब्जी बेचने वाले ग्राहकों की तय दर पर ही सब्जी देकर किसान घर चले जाते है। ऐसे में सब्जी की फसल करने वालों को नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के सब्जियां पूर्व में धनबाद, जामताड़ा, चितरंजन आदि स्थानों पर बेची जाती थी। लॉकडाउन के कारण कृषक बाहर नहीं जा पा रहे है और यहीं किसी तरह सब्जी बेच रहे है। नारायणपुर प्रखंड के भेलाटांड़, लोधरिया, बुद्धूडीह, मधुबन, गम्हरियाटांड, कुर्ता, शहरपुरा आदि स्थानों पर सब्जी की खेती होती है। किसानों ने बड़ी मेहनत से फसल लगाई थी कि इस वर्ष पैदावार अच्छी होगी तथा कमाई भी होगी परंतु ऐसा नहीं हो पाया है। मदन मंडल, उत्तम मंडल आदि सब्जी बिक्रेताओं ने कहा कि पिछले वर्ष भी इसी प्रकार कम दाम पर सब्जी बिकी थी। इस वर्ष भी वैसा ही हुआ है। यह किसानों के लिए नुकसान दायक है।