जागरण संवाददाता, जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा स्थित नारायणपुर थाना क्षेत्र के उदयपुर में दीपावली की रात संथाली यात्रा देखने आई विवाहित आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई। इस दौरान महिला के साथ हैवानियत की हद पार करते हुए प्रताड़ित किया गया। उसके संवेदनशील अंगों में लकड़ी डालकर लहूलुहान कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने में महिला के पूर्व पति व उसके दो दोस्त शामिल थे। नारायणपुर पुलिस ने मौत से पूर्व पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान पर पूर्व पति को उसके गांव करौं के आलमपुर से गिरफ्तार किया है। अन्य दो दुष्कर्मियों की तलाश में छापेमारी चल रही है।

करमाटांड़ थाना क्षेत्र की 35 वर्षीय महिला की शादी देवघर जिला के करौं थाना क्षेत्र में हुई थी। उसकी तीन लड़कियां हैं। चार वर्ष पूर्व पति-पत्नी में अलगाव हो गया। उसके बाद से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। तीनों बच्चियां पिता के साथ तथा महिला अपने मायके में रहती थी। बुधवार को उदयपुर में संथाली यात्रा देखने वह गई थी। यहां उसका पूर्व पति भी आया था। गुरुवार सुबह उदयपुर के पास खेत में ग्रामीणों को वह अचेत मिली।

पबिया के सोनू सिंह व अन्य लोगों ने पुलिस को सूचना दी। महिला के शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस उसे सीएचसी नारायणपुर ले गई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद जामताड़ा सदर अस्पताल रेफर किया गया। गुरुवार को इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। हालांकि, महिला ने मौत से पूर्व अपने पूर्व पति व दो अन्य लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने पूर्व पति को आलमपुर से गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ वशिष्ठ नारायण सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करमाटांड़ थाना प्रभारी मंगल कुजूर का कहना है कि महिला के पिता नहीं हैं। भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

उदयपुर में संथाली यात्रा देखने महिला आई थी। उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। उसने पूर्व पति पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस कांड में दो अन्य युवकों के शामिल होने की बात सामने आई है। मुख्य आरोपित को पकड़ लिया गया है।
-वशिष्ठ नारायण सिंह, एसडीपीओ।

इस बीच, हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर झारखंड में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर रघुवर सरकार पर निशाना साधा है।

Posted By: Sachin Mishra