जामताड़ा में मतदाता सूची पुनरीक्षण: नोटिस मिलने पर ऐसे करें अपनी पात्रता साबित
Jamtara में 24 अगस्त से मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण का सुनवाई अभियान शुरू हो गया है, जिसमें पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

SIR के दाैरान शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने का निर्देश। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
जामताड़ा में मतदाता सूची पुनरीक्षण सुनवाई अभियान शुरू।
नोटिस मिलने पर 12 वैध दस्तावेजों में से एक लाएं।
आधार कार्ड मतदाता सूची पुनरीक्षण में मान्य नहीं।
जागरण संवाददाता,जामताड़ा। मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण 2026 के तहत जिले में 24 अगस्त से सुनवाई अभियान शुरू हो गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सुनवाई करते हुए शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने का निर्देश दिया है।
सुनवाई जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों में पंचायत सचिवालय, प्रखंड सह अंचल कार्यालय सभागार, विद्यालयों और मतदान केंद्रों पर कलस्टरवार की जा रही है।
नोटिस प्राप्त मतदाताओं को निर्धारित तिथि और स्थान पर उपस्थित होकर अपनी पात्रता के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।
नोटिस मिलना मताधिकार खत्म होने का संकेत नहीं
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलना मतदाता का मताधिकार समाप्त होने का संकेत नहीं है। नोटिस का उद्देश्य संबंधित मतदाता को अपनी पात्रता एवं विवरण के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देना है। इसलिए नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
12 दस्तावेजों में से कोई एक मान्य
सुनवाई के दौरान मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकते हैं। इनमें जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, एससी-एसटी-ओबीसी प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र, पिछले एसआईआर की प्रति सहित अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं।
आधार कार्ड सूची में शामिल नहीं: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड इन 12 दस्तावेजों में शामिल नहीं है। इसलिए नोटिस प्राप्त मतदाता केवल आधार कार्ड लेकर न आएं, बल्कि सूची में शामिल कोई एक वैध दस्तावेज भी साथ लेकर आएं।
उपायुक्त ने मतदाताओं से अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी मतदाताओं को सुनवाई की तिथि, स्थान और जरूरी दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी देने का निर्देश दिया है।
