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जामताड़ा वोटर लिस्ट: एक ही मकान नंबर पर 54 वोटर, हिंदू-मुस्लिम और आदिवासी रहते हैं साथ-साथ; अब BJP ने की शिकायत

Published: Thu, 10 Sep 2026 07:15 PM (IST)

भाजपा ने जामताड़ा की मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया है, जिसमें एक ही मकान नंबर पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।

जामताड़ा वोटर लिस्ट में झोल। (जागरण)

जामताड़ा वोटर लिस्ट में झोल। (जागरण)

HighLights

  1. भाजपा ने जामताड़ा मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया।

  2. एक ही मकान संख्या पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज मिले।

  3. 42,000 वैध मतदाताओं के नाम हटाने का भी आरोप।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। जामताड़ा जिले के प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची की विसंगतियों को भाजपा ने सामने लाया है। जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र 243 के मतदाता सूची में गड़बड़ी को दिखाया गया है।

इसमें जीतूडंगाल मोहल्ले के मकान संख्या एक में 54 लोगों को वोटर बताया गया। इसमें भी हिंदू, मुस्लिम व आदिवासी तीनों ही समुदाय के लोगों को साथ-साथ रहते हुए दिखाया गया है।

इसको लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग से मकान संख्या एक के सभी मतदाताओं की जांच करने की मांग की है। इसके अलावा इसी मतदाता सूची में कई और विसंगतियों को दिखाया है।

यह जानकारी गुरुवार को जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा के बीएलई वन हरिमोहन मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से दी है। साथी ग्रामीण क्षेत्रों में मकान संख्या शून्य वाले मतदाताओं की भी जांच करने की मांग की है।

सुमित सरण ने बताया कि पूरी राज्य में एसआईआर के तहत पुनरीक्षित मतदाता सूची जारी गई है। उन्होंने ने दावा किया कि पांच अगस्त को जारी मतदाता सूची की जांच में मकान संख्या एक पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज मिले हैं, जिनमें हिंदू, मुस्लिम और आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हैं।

यदि सभी लोग भाईचारे के साथ एक ही घर में रहते हैं तो भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर यह किस प्रकार का गृह आवंटन और पंजीकरण है।

निष्पक्ष जांच चुनाव आयोग को करनी चाहिए। कहा कि जामताड़ा जैसे जिले में कई स्थानों पर मकान संख्या के रूप में शून्य दर्ज किया गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब यहां फ्लाईओवर या फुटपाथ के नीचे रहने वालों की स्थिति दिल्ली जैसे महानगरों की तरह नहीं है, तो बड़ी संख्या में मतदाताओं के पते में मकान संख्या शून्य क्यों दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाताओं का सत्यापन कराया जाना चाहिए।

गलत तरह से जोड़े गए कुछ नाम

भाजपा जिलाध्यक्ष ने बूथ संख्या 210, 211, 212, 213, 214, 215 और 243 समेत दर्जनों मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि कुछ नाम गलत तरीके से जोड़े गए हैं, जबकि कई नाम काटे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। भाजपा ने पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग की है।

जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के स्थानांतरण पर उठाए सवाल

वहीं, एसआईआर के बीएलई वन हरिमोहन मिश्रा ने कहा कि उन्होंने इन विसंगतियों की जानकारी पूर्व में दो बार ई-मेल के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग दे चुके हैं।

उनके अनुसार शिकायत मिलने की पुष्टि भी हुई, लेकिन अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए मतदाता सूची को इसका प्रमाण बताया है।

हरिमोहन मिश्रा ने एसआईआर के दौरान जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के स्थानांतरण और नए पदाधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के संबंध में लागू प्रविधानों की भी जांच होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग से जामताड़ा जिले में एसआईआर के दौरान सामने आई कथित विसंगतियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रेस वार्ता में जिला महामंत्री कमलेश मंडल समेत अन्य मौजूद थे।

42 हजार मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप

हरिमोहन मिश्रा ने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से करीब 42,000 वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक और वर्तमान राज्य सरकार के मंत्री के इशारे पर जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से करीब 14,000 आदिवासी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जबकि एक खास समुदाय के लोगों के नाम गलत तरीके से जोड़े जा रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि जामताड़ा दौरे के दौरान बाबूलाल मरांडी ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे।

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