नए परिवहन नियमों से झारखंड-बंगाल सीमा पर लगा लंबा जाम, सैकड़ों ट्रक फंसे
West Bengal के नए परिवहन नियमों (VLTD और जियो-टैगिंग) के कारण ई-चालान पोर्टल में तकनीकी समस्या आ गई है, जिससे झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर सैकड़ों ट्रक फंस गए हैं।

मिहिजाम और रूपनारायणपुर सीमा पर जानकारी देते वाहनों के ड्राइवर। (फोटो जागरण)
HighLights
पश्चिम बंगाल के नए परिवहन नियम लागू हुए।
ई-चालान पोर्टल में तकनीकी समस्या से ट्रक फंसे।
झारखंड-बंगाल सीमा पर यातायात बुरी तरह प्रभावित।
संवाद सहयोगी, मिहिजाम (जामताड़ा)। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बालू, कोयला और अन्य खनिजों के परिवहन को लेकर लागू किए गए नए नियम से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच अंतरराज्यीय माल ढुलाई प्रभावित हो गई है।
खनिज लदे वाहनों के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और जियो-टैगिंग अनिवार्य किए जाने के बाद ई-चालान व्यवस्था में तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई। इसके चलते रविवार से ही जामताड़ा-मिहिजाम और रूपनारायणपुर सीमा क्षेत्र में सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं।
ट्रक चालकों के अनुसार, उनके पास वैध ई-चालान थे, लेकिन सीमा पार करने से पहले नई व्यवस्था लागू हो गई।
रविवार रात नौ बजे तक निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद कई चालकों के चालान आनलाइन व्यवस्था में मान्य नहीं दिख रहे हैं। इससे वाहन मालिकों और चालकों में जुर्माने तथा कानूनी कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।
जमुई से डानकुनी जा रहे वाहन फंसे
बिहार के जमुई जिले से बालू लेकर पश्चिम बंगाल के डानकुनी जा रहे कई ट्रक चालक सीमा क्षेत्र में फंसे हैं। चालकों ने बताया कि उन्हें नई व्यवस्था की पर्याप्त जानकारी नहीं थी।
अचानक नियम लागू होने के कारण वे अपने वाहनों को लेकर रास्ते में रुकने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में लंबे समय से सड़क किनारे खड़े रहने के कारण चालकों के सामने भोजन और पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है।
स्थानीय आवागमन भी प्रभावित
ट्रकों की लंबी कतार के कारण जामताड़ा-मिहिजाम और रूपनारायणपुर सीमा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई किलोमीटर तक भारी वाहनों की कतार लगने से स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों ने दोनों राज्यों के प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए तथा पहले से वैध चालान वाले वाहनों को अस्थायी राहत देते हुए सीमा पार करने की अनुमति दी जाए। इससे न केवल फंसे वाहनों को गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा, बल्कि सीमा क्षेत्र में उत्पन्न यातायात संकट भी दूर होगा।
