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फतेहपुर (जामताड़ा) : स्थानीय जेबीसी प्लस टू परीक्षा केंद्र में सोमवार को ही मंगलवार को होने वाली ग्यारहवीं बोर्ड साइंस कोर के अंग्रेजी विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षार्थी को हस्तगत कर दिया गया। जबकि सोमवार को कला में अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। रोमा नामक परीक्षार्थी भी उसी प्रश्नपत्र का उत्तर लिखकर निकल गयी। यह खुलासा तो फिलहाल भुक्तभोगी एक परीक्षार्थी राम ने की है। ऐसे कितनी संख्या मे परीक्षार्थियों के साथ हुआ है, इसकी जानकारी न तो विभाग के पास है और न केंद्राधीक्षक के पास। बहरहाल फिलहाल प्रश्नपत्र के इस फेरबदल को गडबड़झाला के चश्मे से देखा जा रहा है वहीं वहीं परीक्षार्थी का भविष्य भी परिणाम को लेकर अधर में लटक गया है। इस सवाल का जवाब भी किसी के पास नहीं है कि कला संकाय के परीक्षार्थी को बाद में होने वाली साइंस कोर संकाय का प्रश्नपत्र कैसे मिल गया।

सनद रहे कि सोमवार 11 मार्च को जैक की ओर से आयोजित 11 वीं बोर्ड परीक्षा कला संकाय की अंग्रेजी भाषा की हुई। लेकिन यहां जेबीसी टू प्लस हाईस्कूल परीक्षा केंद्र में फतेहपुर उच्च विद्यालय प्लस टू की छात्रा रोमा कुमारी को विज्ञान कोर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र दे दिया गया। जबक इसकी परीक्षा मंगलवार 12 मार्च को हुई। सोमवार को ही छात्रा को परीक्षा के उपरांत अपने सहयोगी सहेली से जब यह जानकारी मिली की उसके हाथ में जो प्रश्न पत्र है वह विज्ञान अंग्रेजी विषय का है तो अचरज में पड़ गई।

छात्रा रोमा के पिता इंद्रजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि सोमवार को कला संकाय का अंग्रेजी विषय में उसे विज्ञान अंग्रेजी का प्रश्न पत्र दिया गया है। परीक्षा के बाद जब सहेली के हाथ में दूसरा प्रश्न पत्र देखे तो उसका प्रश्न पत्र अलग था। कहा कि उसका परीक्षा केंद्र जेबीसी प्लस टू उच्च विद्यालय जामताड़ा में है। अब संशय बना हुआ है कि परीक्षा विज्ञान से जुड़े हुए अंग्रेजी विषय की उसने दी है तो जांच के क्रम में कहीं नंबर न मिले और और उसका भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा। इस संदर्भ में प्रभारी केंद्राधीक्षक सुशील कुमार मरांडी ने कहा कि विभाग से 11 मार्च की परीक्षा का जो प्रश्न पत्र का लिफाफा प्राप्त हुआ था। उसे ही खोला गया है। उसके अंदर अगर विज्ञान में ली जाने वाली अंग्रेजी विषय की प्रश्न पत्र किसी परीक्षार्थी को मिला है तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं परीक्षा के क्रम में किसी ने इसकी शिकायत भी नहीं की। अब यह गड़बड़ी कहां से हुई है यह जांच के बाद ही कहा जा सकता है। डीइओ बांके बिहारी सिंह ने दूरभाष पर कहा कि ऐसी गड़बड़ी की जानकारी उन्हें नहीं है। छात्रा के साथ ऐसा हुआ तो उसे परीक्षा दौरान ही अपना प्रश्नपत्र देकर केंद्राधीक्षक के पास पूरी जानकारी देनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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