संवाद सहयोगी, जामताड़ा : विभागीय उपेक्षा व लाभुकों की उदासीनता के कारण वर्षो से लंबित सभी मछुआ आवास का निर्माण एक माह में पूर्ण होगा। जिले के विभिन्न प्रखंड में कई वर्ष पूर्व से पांच दर्जन मछुआ आवास का निर्माण कार्य अपूर्ण है। प्रति आवास की लागत 50000 है। शतप्रतिशत आवास निर्माण पूर्ण को विभाग ने पहल आरंभ कर दी है।

पूर्व में मत्स्य विभाग कार्यालय में क्षेत्र भ्रमणशील पदाधिकारी व जूनियर इंजीनियर की उपलब्धता नहीं रहने के कारण लाभुक भी निर्माण कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे। विभागीय कार्यालय में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी की पदस्थापन व जेइ की प्रतिनियुक्ति होने के बाद से आवास निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है।

--------

-- लाभुकों को किया जा रहा प्रेरित

जिला मत्स्य पदाधिकारी के मार्गदर्शन में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी संबंधित गांव का भ्रमण कर आवास निर्माण कार्य के प्रति उदासीन लाभुकों की समस्याओं को सुनकर लंबित मछुआ आवास निर्माण पूर्ण करने की पहल कर रहे हैं। इसी प्रकार एनआरइपी द्वारा प्रतिनियुक्त जेइ गांव भ्रमण कर आवास निर्माण कार्य की मापी पुस्तिका तैयार कर रहे हैं। पूर्व में लाभुक द्वारा निर्माण कार्य करने के कई माह बाद भी मापी पुस्तिका नहीं तैयार हो पाती थी। नतीजतन लाभुकों को निर्माण मद की अग्रिम राशि का भुगतान नहीं हो रहा था। तीन वर्ष की अवधि में जिले के नारायणपुर, नाला, कुंडहित आदि प्रखंड के एक दर्जन गांवों में पांच दर्जन मछुआ आवास का निर्माण कार्य लंबित था।

--------

प्रसार पदाधिकारी व जेइ की उदासीनता व अनुपलब्धता के कारण आवास निर्माण कार्य सुस्त पड़ गया था। बीते वर्ष के स्वीकृत पांच दर्जन आवास अपूर्ण था। इसे अभियान के तहत 31 मार्च तक पूर्ण किया जायेगा। क्षेत्रीय पदाधिकारी व जेइ गांव का भ्रमण कर आवास पूर्ण कराने के दिशा में कार्य कर रहे हैं।

--मरियम मुर्मू, जिला मत्स्य पदाधिकारी जामताड़ा।

By Jagran