कुंडहित (जामताड़ा) : शुक्रवार शाम में अचानक एक जंगली बंदर कुंडहित प्रखंड के छोलाबेड़िया गांव में प्रवेश कर एक के बाद एक कुल 12 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया। घायलों में दो की हालत गंभीर होने पर सिउड़ी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। जबकि शेष आठ लोगों का बंगाल के नाकड़ाकोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने इस घटना की वन विभाग को जानकारी भी दिया पर किसी ने सुध नहीं लिया। वहीं सूचना मिलने पर बागडेहरी थाना प्रभारी बिरजू कुमार साव पुलिस बल के साथ पहुंचकर बंदर पकड़ने की योजना बनाई।

इस घटना में 65 वर्षीय श्यामापद घोष व 22 वर्षीय ललन घोष को बंदर ने बुरी तरह से काट कर घायल कर दिया। बंदर ने ललन को दोनों हाथ में काटकर मांस निकाल दिया। वहीं श्यामापद घोष को हाथ व पूरे शरीर में काटकर घायल कर दिया। वहीं 62 वर्षीय शिशिर मंडल, 42 वर्षीय लफर मंडल, 26 वर्षीय दिलीप पाल, पांच वर्षीय दीपू मंडल, 35 वर्षीय रुपाली लाहा सहित अन्य पांच को बंदर ने काटकर घायल कर दिया। सभी घायल के स्वजनों ने इलाज के लिए बंगाल के नाकड़ाकोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है।

-- क्या कहते है ग्रामीण : ग्रामीण नारायण घोष ने बताया कि शुक्रवार शाम से अचानक एक जंगली बंदर गांव में प्रवेश कर एक के बाद एक 12 से अधिक लोगों को काट कर घायल कर दिया। इसकी जानकारी शनिवार की सुबह वन विभाग को देने के बाद भी किसी तरह का संज्ञान नहीं लिया। तब जाकर आक्रोशित ग्रामीणों ने बंदर को मारने की मन बना लिया और बंदर को एक झाड़ी में घेर कर रखा, लेकिन इसी बीच ग्रामीणों ने विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को जानकारी दिया। रवींद्रनाथ महतो को जानकारी मिलते ही कुंडहित बीडीओ श्रीमान मरांडी व बागडेहरी थाना प्रभारी को मामले की जानकारी दी गई। बागडेहरी थाना प्रभारी बिरजू कुमार साह को जानकारी मिलते ही गांव पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए प्रशासन व्यवस्था करे। वहीं बंदर को पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने एक झाड़ी में घेर कर रखा। समाचार लिखे जाने तक बागडेहरी थाना प्रभारी बिरजू कुमार साव ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

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