जामताड़ा : सरकार के अलावा गांव के प्रति ग्रामीणों की भी जिम्मेदारी होती है। गांवों में विकास कार्य हो अथवा विद्यालय या साफ-सफाई की बात हो जब तक ग्रामीण जागरूक नहीं होंगे तब तक गांव में स्वच्छता का सपना पूर्ण नहीं हो सकता है। सोमवार को स्थानीय एसजीएसवाई सभागार में स्वच्छ भारत मिशन के तत्वावधान में संचालित स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्टीकर अभियान कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त रामा शंकर प्रसाद ने उक्त बातें कही। डीडीसी ने कहा कि ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है ताकि गांव के तमाम सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ रख रखाव भी सुनिश्चित किया जा सकें। उन्होंने कहा कि आज सभी गांव में शौचालय बनकर तैयार है इसके बाद भी सूचना मिल रही है कि कही कही लोग जागरूकता की कमी से अब भी शौच कर्म के लिए बाहर जाना पसंद करते हैं। उन्होंने मौजूद जल सहिया तथा सखी मंडल की सक्रिय दीदी को ऐसे लोगों को चिह्नित कर शौचालय के प्रति जागरूक करने को कहा तथा मिशन के तहत जो स्टीकर दिया गया है उसे कार्य के अनुरूप तीनों स्टीकर को शौचालय पर चस्पा करें। डीडीसी ने कहा कि महिलाओं से परिवार से लेकर राष्ट्र तक को अपेक्षाएं है इसलिए जलसहिया तथा सखी मंडल की दीदी इस कार्य को बखूबी पूर्ण कर लोगों को शौचालय के प्रति जागरूक करें। मौके पर पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर ने रेड स्टीकर की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि रेड का मतलब ही होता है खतरा। इसलिए इससे बचें और शौचालय का उपयोग सुनिश्चित कर ग्रीन स्टीकर का भागीदारी बनाएं।

कार्यक्रम का संचालन कर रही एसबीएम के जिला समन्वयक रूबी कुमारी ने आगामी 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाली स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। साथ ही जलसहिया व सक्रिय दीदी को शौचालय उपयोगिता अभियान आरंभ करने के लिए ग्रीन,रेड और यलो स्टीकर प्रदान किया। मौके पर एसबीएम के जिला समन्वयक अनुज कुमार मंडल,जेएसएलपीएस के जिला समन्वयक रीता ¨सह,रफीक अंसारी आदि स्वच्छता कर्मी व एसबीएम के सदस्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran