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जामताड़ा में बंद रेलवे क्वार्टर से मिला नरकंकाल, 2021 से लापता चिरेका कर्मी का अवशेष होने की आशंका

By KushalEdited By: Piyush Pandey
Published: Mon, 28 Sep 2026 03:50 PM (IST)

चित्तरंजन के एक बंद रेलवे क्वार्टर में नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है।

मौके पर जुटी पुलिस।

मौके पर जुटी पुलिस।

HighLights

  1. चित्तरंजन के बंद रेलवे क्वार्टर में मिला नरकंकाल।

  2. 2021 से लापता चिरेका कर्मी का होने की आशंका।

  3. पुलिस ने डीएनए जांच और फोरेंसिक प्रक्रिया शुरू की।

जागरण संवाददाता, चित्तरंजन। चित्तरंजन रेलनगरी के स्ट्रीट नंबर 11 स्थित क्वार्टर नंबर 11बी में सोमवार को नरकंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।

बंद पड़े रेलवे क्वार्टर के अंदर पूजा स्थल के समीप से मानव कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक तौर पर कंकाल की पहचान करीब 59 वर्षीय चिरेका कर्मी प्रकाश चंद्र राउत राय के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए डीएनए जांच समेत वैज्ञानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि प्रकाश चंद्र राउत राय इस क्वार्टर में अकेले रहते थे और वर्ष 2021 से लापता बताए जा रहे थे। उनके लापता होने को लेकर वर्ष 2023 में गुमशुदगी की डायरी भी दर्ज कराई गई थी। ऐसे में वर्षों बाद उसी क्वार्टर के भीतर नरकंकाल मिलने से मामले ने रहस्य और गहरा कर दिया है।

मृतक के भतीजे सुप्रतिप राउत राय के अनुसार, परिवार के लोग क्वार्टर सरेंडर करने की प्रक्रिया के सिलसिले में 26 सितंबर से उक्त क्वार्टर में रह रहे थे।

बाइक हटाने के दौरान दिखी हड्डियां

सोमवार को क्वार्टर में रखी बाइक को हटाने के दौरान नीचे कुछ हड्डियां दिखाई दीं। संदेह होने पर उन्होंने तत्काल इसकी सूचना चित्तरंजन थाना पुलिस को दी।

Chittaranjan Railway Quarter

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी जावेद हुसैन तथा चित्तरंजन थाना के आईसी शेख इस्माइल अली भी घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके की बारीकी से जांच करते हुए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नरकंकाल वास्तव में लापता चिरेका कर्मी का ही है या नहीं। इसके लिए हड्डियों के अवशेषों को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

वर्षों से लापता रेलकर्मी का कंकाल उसी आवास के भीतर मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और इतने वर्षों तक घटना का पता क्यों नहीं चला, इसका जवाब अब पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है।

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