मुरलीपहाड़ी (जामताड़ा) : अल्पसंख्यक समाज में जागरूकता को लेकर नारायणपुर प्रखंड के जेरूआ गांव में अब्दुल अजीज की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। मौके पर गांव के ग्रामीण महिला-पुरुष व विद्यार्थी उपस्थित हुए। बैठक में शिक्षा व समाज के उत्थान व विकास से संबंधित बातें हुई। बतौर मुख्य अतिथि संविधान बचाओ आंदोलन के संयोजक गाजी रहमतुल्लाह रहमत ने कहा कि अब वक्त सोने का नहीं बल्कि देश के लिए कुछ करने का है। जो कोई देश को तोड़ना चाहते हैं उनके खिलाफ बिगुल फूंकने का है। अपनी अस्मिता को बचाए रखने के लिए सभी को आगे आना होगा। इस दौरान एनपीआर बहिष्कार पर भी मंथन हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि भारत सरकार देश की जनता को मुख्यधारा से भटका रही है। जबसे  सरकार आई है देश घाटे में ही चल रहा है, युवा बेरोजगार हो रहे हैं और किसानों की आत्महत्या बढ़ रही है। वर्तमान सरकार हिदू-मुस्लिम को आपस में लड़ा रही है। कभी सीएए तो कभी एनआरसी और कभी एनपीआर जैसे विवादास्पद मुद्दे को उछाल-उछाल कर समाज को तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब लोग अपने क्षेत्र में जागरूक हो चुके हैं सरकार की विवादास्पद और देश तोड़ने वाली नीतियों को नहीं चलने देंगे। नया भारत नहीं चाहिए हमारे लिए वह पुराना भारत ही अच्छा है जिसमें हम सभी हिदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई आपस में एक परिवार की तरह रहते थे। उन्होंने कहा कि एनआरसी देश के लिए एक खतरनाक कानून आनेवाला है जिसकी तैयारी सरकार एक अप्रैल से शुरू करने जा रही है और उसे एनपीआर के माध्यम से पूरी करने का प्लान है। ग्रामीण एनपीआर के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं।

इस अवसर पर मौलाना अब्दुल करीम, शफीक, अहमद हाफिज मुजीबुल्ला, मौलाना कमरूद्दीन, हाफिज अब्दुल मुकसेद अंसारी, मकसूद अंसारी, अब्दुल हाफिज, फारुख मियां, मंसूर आलम, हाफिज रजाउल्लाह सिद्दीक, अब्दुल हाफिज मकसूद, नवाब, शमसुद्दीन, यूनूस, मौलाना फखरुद्दीन, अनवर, शाहिद, अब्दुल हमीद, मौलाना सलीम, गुल मोहम्मद, कमरुद्दीन, लुकमान, मौलाना तौहीद हाफिज सिराजुद्दीन आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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