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'इरफान का इशारा, 14 हजार आदिवासी एब्सेंट', जामताड़ा में SIR को लेकर बाबूलाल मरांडी का सियासी हमला

Published: Thu, 27 Aug 2026 06:16 PM (IST)Updated: Thu, 27 Aug 2026 06:20 PM (IST)

बाबूलाल मरांडी ने जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी पर 14 हजार आदिवासी वोटरों को वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप लगाया ...और पढ़ें

'इरफान का इशारा, 14 हजार आदिवासी एब्सेंट', SIR को लेकर पर बाबूलाल का सियासी हमला

'इरफान का इशारा, 14 हजार आदिवासी एब्सेंट', SIR को लेकर पर बाबूलाल का सियासी हमला

HighLights

  1. इरफान अंसारी पर 14 हजार आदिवासी वोटर हटाने का आरोप।

  2. झारखंड में कानून-व्यवस्था पर हेमंत सरकार को घेरा।

  3. एमएमडीआर एक्ट पर सत्ता पक्ष की आलोचना की।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। जामताड़ा विधायक व मंत्री इरफान अंसारी के इशारे पर जामताड़ा के करीब 14 हजार आदिवासी वोटरों को एसआईआर (SIR) में या तो 'शिफ्टेड' (स्थानांतरित) दिखाकर या फिर 'एब्सेंट' (अनुपस्थित) दिखाकर वोटर लिस्ट से उनका नाम काट दिया गया है। यह एक सोची-समझी नीति के तहत किया गया है।

भाजपा संगठन से जुड़े सदस्यों को बुलाकर सभी पंचायतों में आदिवासी समाज के कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर इसमें सुधार करवाया जाएगा। आमतौर पर आदिवासी समाज के लोग शिफ्ट या माइग्रेट (पलायन) कम ही करते हैं। ऐसे लोग जामताड़ा विधायक की साजिश का शिकार हुए हैं।

कोई भी इस तरह से षड्यंत्र करके यहां के मूलनिवासियों और आदिवासियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं कर सकता है। ये बातें वरिष्ठ भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहीं। मरांडी गुरुवार को जामताड़ा स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी की बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

पिछले दिनों करमाटांड़ के थानारडीह गांव में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर मुस्लिम समुदाय की ओर से किए गए उपद्रव पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से धराशायी हो चुकी है। पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन इन्हें तो हेमंत सोरेन ने वसूली करने में लगा रखा है।

उन्होंने कहा कि जब एक मुस्लिम मौलाना द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की बात सामने आई, तो हिंदू पक्ष के लोगों ने पुलिस और कानून का सहारा लिया। लेकिन इसी प्रकरण से जुड़े एक पोस्ट पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरे गांव को घेरकर तोड़फोड़, मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।

अगर स्थानीय लोगों को इस बारे में पता नहीं चलता और मौके पर पुलिस नहीं पहुंचती, तो यह भीड़ पूरे परिवार को मार डालती। मुस्लिम समुदाय को भी पुलिस और कानून का सहारा लेना चाहिए था। इस दौरान महिलाओं व परिवार वालों के साथ भी मारपीट की घटना हुई।

स्थानीय पुलिस-प्रशासन ऐसे उपद्रवियों को चिह्नित कर उन्हें सजा दिलाने का काम करे और हिंदू पक्ष की शराफत को कमजोरी समझने की भूल ना करे। पुलिस-प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण ऐसी वारदात हुई है, इसलिए पुलिस सख्त कार्रवाई करे, वरना दूसरे पक्ष ने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं।

सब लीगलाइज हो जाएगा तो हेमंत सोरेन और इरफान का कमीशन बंद हो जाएगा:

वहीं, एमएमडीआर (MMDR) एक्ट पर सत्तापक्ष के विरोध को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के साथियों ने शायद यह बिल सही से पढ़ा ही नहीं है। यह सिर्फ झारखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है। यह मेजर मिनरल्स के लिए है।

उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार मनमाने तरीके से कर (टैक्स) नहीं लगा सकती। केंद्र सरकार पूरे देश में एकरूपता लाने के लिए यह प्रयास कर रही है, जैसे पहले जीएसटी लागू कर एकरूपता लाई गई थी।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने कोयले पर 400 रुपये प्रति टन से ज्यादा और आयरन ओर (लौह अयस्क) पर 600 रुपये प्रति टन का कर लगा दिया था। यही वजह है कि झारखंड में बीसीसीएल (BCCL) समेत अन्य खदानों में कोयले का उत्पादन कम हो गया और कल-कारखाने भी बंद होने की कगार पर पहुंच गए।

सत्तारूढ़ पार्टी को इसी बात का डर सता रहा है कि अगर सबकुछ लीगलाइज (वैध) हो जाएगा, तो ना तो हेमंत सोरेन तक कमीशन पहुंचेगा और ना ही इरफान अंसारी तक।

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, सारठ के पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह, कमलेश मंडल, सुजाता सिंह और पुष्पा सोरेन समेत दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।