मिहिजाम (जामताड़ा) : रेलवे के निजीकरण के विरोध में सोमवार को ऑल इंडिया रेलवे ट्रेड यूनियन के नेताओं व सैकड़ों लोगों ने ट्रेड यूनियन के बैनर तले शनिवार को चिरेका आरके गेट के समीप से पैदल मार्च कर कोलकाता के लिए रवाना हुआ। सर्व भारतीय ट्रेड यूनियन के साझा तत्वाधान में केंद्र की भाजपा सरकार की निजीकरण, शिक्षा, महंगाई, एनआरसी, बेरोजगारी, एफडीआइ समेत अन्य मुद्दों को लेकर एकत्रित हुए। संयुक्त ट्रेड यूनियन ने केंद्र से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए नारेबाजी करते हुए चितरंजन जीएम कार्यालय से कोलकाता के लिए प्रस्थान किया। देश के विभिन्न प्रांतों से हजारों की संख्या में चिरेका पहुंचे विभिन्न श्रमिक संगठन के नेता व श्रमिक से पूरा क्षेत्र खचाखच भर गया। सुबह लगभग 10 बजे मार्च कोलकाता के लिए प्रस्थान किया। चिरेका निजीकरण का विरोध करनेवाले श्रमिक संगठन बीएमएस व आइएनटीटीयूसी इस आंदोलन में भाग नहीं ले रहे हैं। पूर्व राज्यसभा सांसद सह एआइटीयूसी सचिव आरसी सिंह ने कहा कि कोयला खदानों में विदेशी पूंजी निवेश अपने घर में लूट करवाने के सामान है। सरकार को इस फरमान को हरहाल में वापस लेना होगा। आइएनटीयूसी श्रमिक संगठन नेता नेपाल चक्रवर्ती ने बताया कि यह आंदोलन केंद्र नीति का सिंहासन हिला कर रख देगी, हिदुस्तान केबल्स बंद होने के बाद अब चिरेका पर भी खतरे की तलवार लटक रही है। दो करोड़ नौकरियों का वादा करनेवाली मोदी सरकार में सबसे अधिक बेरोजगारी बढ़ी है। सीटू राज्य कमेटी सदस्य वंशोगोपाल चौधरी ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। देश की जनता आज प्रतिदिन महंगाई से जूझ रही है, पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, पूरे देश में श्रमिक से लेकर आम जनता महंगाई की चक्की में पिस रही है। युवाओं का एक बड़ा वर्ग आज बेरोजगारी से जूझने को विवश है। उन्होंने कहा कि आगामी 11 दिसंबर को राजभवन कोलकाता में राज्यपाल को संयुक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा। मौके पर राज्य कमेटी सदस्य वंशगोपाल चौधरी, एआइवाइएफ राज्य सभापति तापस सिन्हा, गोरांगो चटर्जी सीपीआइएम पश्चिम व‌र्द्धमान, एचएमएस राज्य सचिव एसके पांडेय, श्यामल चक्रवर्ती, नेपाल चक्रवर्ती, सत्यनारायण मंडल, एसके लाहा समेत हजारों की संख्या में श्रमिक व श्रमिक संगठन के नेता उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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