पहले मृत कर्मियों की लगाई थी ड्यूटी, अब 28 सितंबर को निकाला 1 सितंबर की बैठक का आदेश; जामताड़ा प्रशासन पर उठे सवाल
जामताड़ा अनुमंडल प्रशासन ने दुर्गा पूजा 2026 की बैठक को लेकर एक आदेश जारी किया, जिसमें बड़ी लापरवाही सामने आई है।

जामताड़ा प्रशासन पर उठे सवाल
HighLights
1 सितंबर की बैठक का आदेश 28 सितंबर को जारी हुआ।
प्रशासनिक कार्यशैली पर तारीखों के विरोधाभास से सवाल उठे।
पहले भी मृत कर्मियों को ड्यूटी लगाने की लापरवाही हुई थी।
जागरण संवाददाता, जामताड़ा। दुर्गा पूजा 2026 को लेकर जामताड़ा अनुमंडल प्रशासन की ओर से जारी एक आदेश ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार के हस्ताक्षर से जारी पत्र में जिले के सभी लाइसेंसी एवं गैर लाइसेंसी दुर्गा पूजा समितियों के अध्यक्ष व सचिवों की बैठक एक सितंबर को दोपहर दो बजे सदर प्रखंड सभागार में बुलाए जाने का उल्लेख है।
हैरानी की बात यह है कि उक्त पत्र पर 28 सितंबर 2026 की तारीख अंकित है और इसे भी 28 सितंबर को ही जारी किया गया है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब बैठक की निर्धारित तिथि एक सितंबर थी, तो 28 सितंबर को जारी आदेश के आधार पर पूजा समितियों को बैठक में कैसे बुलाया जाना था।
तिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश
पत्र में सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र की दुर्गा पूजा समितियों के अध्यक्ष व सचिव को बैठक की सूचना तामील कराने और तामिला प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही बीडीओ, सीओ, नगर निकाय के पदाधिकारी, अग्निशमन, परिवहन, बिजली, पेयजल एवं स्वच्छता, पथ प्रमंडल तथा पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
आदेश में तारीखों का विरोधाभास
प्रशासनिक आदेश में बैठक की तारीख और आदेश जारी होने की तारीख में करीब 27 दिनों का अंतर है। यदि बैठक वास्तव में एक सितंबर को निर्धारित थी, तो उसका आदेश 28 सितंबर को जारी किया जाना प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। एक सितंबर की तारीख दर्ज होना सवाल खड़े करता है। इससे पूजा समितियों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया और प्रशासनिक समन्वय पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
पहले भी आदेश में सामने आ चुकी है ऐसी लापरवाही
अनुमंडल कार्यालय की कार्यशैली को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। भारत बंद के दौरान करीब दो माह पहले एसडीओ कार्यालय से जारी एक ड्यूटी आदेश में मृत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों तक की ड्यूटी लगाए जाने का मामला सामने आया था। उस समय भी आदेश तैयार करने और जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे।

दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात, बिजली, पेयजल, अग्निशमन और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को लेकर पूजा समितियों के साथ बैठक महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में बैठक से संबंधित आदेश में ही तारीखों की इस तरह की विसंगति सामने आना प्रशासन की तैयारी पर सवाल खड़ा करता है।
