जामताड़ा : गांवों में मजदूरों को रोजगार मिले एवं रैयत आर्थिक रूप से समृद्ध हों इस निमित जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना शुरू होगी। इस योजना के तहत रैयत एवं गैर मजरूवा भूमि पर फलदार एवं छाएदार पौधारोपण किया जाएगा। योजना में पांच वर्ष तक पौधारोपण व संरक्षण में होनेवाले खर्च को इसी योजना से भुगतान किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस वर्ष जिले में 500 एकड़ भूखंड में पौधारोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मनरेगा योजना के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना का संचालन किया जाएगा। इस योजना के तहत जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन के लिए आवश्यक योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत सरकारी, निजी एवं सड़क किनारे स्थित भूखंड में फलदार एवं छाएदार पौधारोपण किया जाएगा। लॉकडाउन की स्थिति में स्थानीय व प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक हो गई है। ऐसे में जिला प्रशासन ने प्रत्येक गांव में कम से कम पांच योजनाएं शुरूकरने संबंधित पहल जिला से गांव स्तर तक शुरू की है।

--- उपयोगी योजनाओं को प्राथमिकता : वैसी योजनाओं को प्राथमिकता दिया जा रहा जो योजना जलसंरक्षण एवं प्रबंधन में मददगार साबित होगी। योजना चयन का दायित्व ग्राम सभा को दी गई है। योजना का निर्माण कार्य शीघ्र शुरूहो इसके लिए पंचायत स्तर पर अभिलेख तैयार करने व प्रखंड स्तरपर स्वीकृति के साथ कार्यादेश निर्गत करने का विभागीय व्यवस्था तैयार है।

--- 20 मई तक गड्ढा खोदने का कार्य होगा पूर्ण : उपविकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि इच्छुक किसानों की रैयती भूमि, गैरमजरूवा भूमि के साथ सड़क किनारे स्थित भूखंड में समय से पूर्व पौधारोपण कार्य संपन्न हो इस निमित भूमि चयन कर योजना की स्वीकृति देकर 20 मई तक पौधारोपण संबंधित गड्ढा खुदाई का कार्य पूर्ण कराएं। उपयुक्त समय में संपन्न पौधारोपण बेहतर साबित होता है।

---समय पर मजदूरी, गांव में काम : निबंधित मजदूरों को अपने गांव में प्रतिदिन काम मिले, वहीं मजदूरी राशि का भुगतान समय पर हो इस निमित्त उपविकास आयुक्त ने प्रखंड स्तर पर बेहतर कार्ययोजना तैयार किया है। कार्ययोजना के अनुरुप योजना का क्रियान्वयन हो इसे सुनिश्चित करने को बीडीओ को निर्देश दिया गया है।

--- वर्जन : इच्छुक किसानों के आवेदन पर भूमि चयन कर योजनाओं का प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति दी जा रही है। स्वीकृति के उपरांत निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा। प्रत्येक योजना में पांच मजदूरों को काम करने को अधिकृत किया गया है ताकि शारीरिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित हो। मजदूरी राशि समय पर भुगतान करने को विभाग सक्रिय है। निजी, सरकारी एवं सड़क किनारे पांच सौ एकड़ भूमि में बागवानी तैयार करने का लक्ष्य है।

---नागेंद्र कुमार सिन्हा, उपविकास आयुक्त।

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