जमशेदपुर, जासं। नाबालिग से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में अदालत सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने मामले के आरोपी को दोषी करार दिया है। सजा के विंदु पर फैसला 22 अगस्त को सुनाया जाएगा। 

पूर्वी सिंहभूम जिले के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र की 12 वर्षीया नाबालिग के साथ उसका पड़ोसी उदय गागराई डरा- धमकाकर दुष्कर्म करता था। पीड़िता 23 सफ्ताह की गर्भवती हो गयी थी। इस मामले में आरोपित उदय गागराई को जिला अपर व सत्र न्यायाधीश सुभाष की अदालत ने बुधवार को दोषी करार दिया। सजा 22 अगस्त को सुनाई जाएगी। घटना 30 अगस्त 2017 की है।

पहली बार रविवार को बैठी थी अदालत

पीड़िता की मां ने गर्भपात कराने के लिए झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। संगीन मामला होने के कारण झारखंड हाईकोर्ट ने पहली बार रविवार को सुनवाई की थी। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में 12 साल की दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने नाबालिग के 23 सप्ताह के गर्भ को गिराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में बच्ची का गर्भपात  17 अक्टूबर 2017 को कराया गया था।

कराया गया था डीएनए टेस्ट

जमशेदपुर के एसएसपी को आदेश दिया गया था कि सरकारी खर्चे पर पीड़िता व उसके परिजनों को 16 अक्टूबर 2017 को रिम्स पहुंचाया जाए। पीड़िता के स्वास्थ्य होकर घर जाने तक का खर्च सरकार को वहन करने निर्देश दिया था। कोर्ट ने बच्ची के इलाज के दौरान उसके परिजनों को रांची में ठहरने की व्यवस्था सरकार को करने का आदेश दिया था। साथ ही गर्भपात के बाद भ्रूण को संरक्षित कर फॉरेंसिक लेबोरेटरी भेजने को कहा, ताकि उसका डीएनए टेस्ट कराया जा सके।

Posted By: Rakesh Ranjan

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