संसू, बहरागोड़ा : प्रखंड क्षेत्र के कई गांव में मां मनसा की पूजा अर्चना हुई। महुली गांव में झपान के साथ पूरे गांव में संकीर्तन मंडली के साथ सांप को गले में डाल कर पूरे गांव भ्रमण कर मनसा थान में घाट ला कर स्थापना की गई। रात को देहुरी द्वारा पारंपरिक रीति रिवाज के साथ पूजा पाठ की गई, इस दौरान क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने पूजा में हिस्सा लिया। इधर मौदा, केशरदा, माटिहाना, सातपाटी, पांचरुलिया, खांडामौदा गांव में सोमवार की देर शाम डाक सक्रान्ति के उपलक्ष्य में मां मनसा पूजा कमेटी के तत्वावधान में सरकारी गाइडलाइन के साथ मनसा पूजा आयोजित हुई। इधर खांडामौदा गांव में पूजा के पूर्व स्थानीय ढांकी मंडली व सेवायत के साथ गांव के बेलसाघर तालाब से श्री गणेश एवं मां मनसा की कलश डुबोकर देवी देवताओं का आवाहन कर लाया गाया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने शंख घंटा बजाकर कलश लाने वाले भक्तों की उत्साह बढ़ाया। पूजा मंडप में कलश स्थापित कर मां मनसा की पूजा की गई। सेवायत अनिल बेरा की अध्यक्षता में बिनय बेरा के द्वारा मां मनसा की पाधुआनि पूजा की गई। स्थानीय महिला एवं पुरुषों ने मां मनसा की उपवास रखकर रात में मां के समक्ष पुष्पांजलि देकर तथा धूप दीप जलाकर मां की आराधना कर अपने अपने व्रत तोड़ा। पूजा के बाद सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों की मानना है की मां मनसा की पूजा करने से परिवार की सुख समृद्धि बना रहता है। इस अवसर पर अनेक महिलाओं ने पूजा अर्चना की और मां मनसा के समक्ष लेटकर दुआएं मांगी। मनसा पूजा के अवसर पर खांडामौदा गांव में 4 फिट के मनसा मां की प्रतिमा स्थापित की गई है। उक्त पूजा को सफल बनाने के कमेटी के सदस्यों में से खेत्रमोहन सीट, सरद चंद्र बेरा, कान्हू बेरा, निबारण बेरा, गांधी बेरा, संजीव बेरा, पबित्र बेरा, स्वपन बेरा, सुप्रसन्न बेरा, सुबल बेरा, बापी बेरा, निनुया सीट, मनसासिष बेरा, काठिया बेरा, मार्कण्डेय बेरा आदि समेत कोई इस पूजा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। लटिया गांव में हुई श्रद्धा के साथ मनसा पूजा : प्रखंड के ग्राम लाटिया में सार्वजनिक मनसा पूजा कमिटि की ओर से कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सोमवार को सादगी से मनसा पूजा का आयोजन किया गया। पूजा कमिटि के संरक्षक व जिला पार्षद बुद्धेश्वर मुर्मू ने मनसा पूजा के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि गांव में लगभग 120 वर्ष से भी अधिक समय से मनसा पूजा का आयोजन बड़े ही धूम धाम से किया जाता है, मनसा पूजा के दिन ही गांव में डाक झापान का आयोजन किया जाता है, दूर दराज से लोग इसे देखने के लिए आते है। कोरोना महामारी के कारण पिछले वर्ष डाक झापान का आयोजन नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि पूजा के दिन मां मनसा के नाम से तीन व्यक्ति गांव स्थित तालाब से कलश के साथ पूजा पंडाल में पहुंचते हैं और रात भर पूजा सम्पन्न होने के बाद दूसरे दिन भोर से मन्नत के बत्तख एवं पाठा की बलि दी जाती है। कमिटि के संरक्षक व जिप सदस्य बुद्धेश्वर मुर्मू ने बताया की लाटिया गांव में आयोजित मनसा पूजा की खास अहमियत है। इस वर्ष के पूजा आयोजन में मुख्य रूप से शेखर महाली, विष्णु महाली, दशरथ महाली, चन्द्र शेखर महाली, राजू महाली, कालीचरण महाली, मिलन महाली, अजय महाली, मनोज महाली, विकास महाली,जगदीश महाली, गणेश महाली, विवेक महाली आदि का सराहनीय योगदान रहा है।

Edited By: Jagran