अमित तिवारी, जमशेदपुर : जग को हंसाने वाले कलाकार राजू श्रीवास्तव को जब हार्ट अटैक आई तो किसी को भरोसा नहीं हो रहा था। चूंकि उनका पेशा ही दूसरे को हंसाने वाला था और जब अटैक आई तब वे जिम में पसीना बहा रहे थे। ऐसे में लोगों को थोड़ा भी भरोसा नहीं हो रहा था कि उन्हें भी हार्ट अटैक हो सकता है। हर किसी के मन में यही सवाल चल रहे थे कि इस व्यक्ति पर न तो किसी तरह के तनाव हावी है और न ही कोई बीमारी फिर हार्ट अटैक भला कैसे हो सकता है।

लाइव परफार्मेंस के दौरान केके की हो गई थी मौत

इसी तरह, लोकप्रिय गायक केके जब लाइव परफारमेंस कर रहे थे तो उनको हार्ट अटैक हो गई और उनकी जान चली गई। इस तरह की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय है। दरअसल, जिस तरह से लोगों की दिनचर्या हो गई है उसमें हार्ट अटैक किसी को भी हो सकता है। रही बात सावधानी बरतने की तो इसपर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

मानसिक तनाव हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है। यह ऐसा चीज है जो आपको मानसिक व शारीरिक दोनों तरह से परेशान कर देता है। मानसिक तनाव का असर तो हार्ट पर पड़ता ही है इससे होने वाली बीमारी मधुमेह, ब्लड प्रेशर व तंबाकू सेवन करने वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना अधिक बढ़ जाता है।

जिम जा रहे हैं तो बरते सावधानी

जिम जाना सेहत के लिए अच्छी बात है लेकिन इस दौरान आपको कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर आपके परिवार में किसी व्यक्ति की हार्ट अकैट हुआ हो तो जिम जाने से पहले एक बार जांच जरूर करा लें। इसी तरह, मधुमेह, कोलेस्ट्राल, ब्लड प्रेशर की भी जांच जरूरी है।

दरअसल, लगभग 50 प्रतिशत लोगों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें हृदय की बीमारी है। वहीं, जब 70 प्रतिशत आपका आर्टरी ब्लाकेज हो जाता है तब सीने में दर्द सहित अन्य लक्षण सामने आते हैं। इसी बीच कई लोगों को हार्ट अटैक आ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि 40 साल के बाद हर कोई नियमित रूप से हार्ट की जांच कराएं। ताकि बीमारी की पहचान और इलाज सही समय पर शुरू हो सकें।

दूसरों की देखादेखी नहीं करें

कई लोग जिम जाते हैं और दूसरों की देखादेखी अचानक से भारी-भरकंप मशीन उठा लेते हैं।वहीं, लगातार दो से तीन घंटे तक व्यायाम करते हैं। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, जो लोग व्यायाम नहीं करते हैं, उन्हें शुरुआत में 5 से 10 मिनट तक व्यायाम करनी चाहिए। जिसे आप अपनी शारीरिक क्षमता और हृदय गति के हिसाब से रोजाना 30 से 60 मिनट तक बढ़ा सकते हैं।

हर किसी के शरीर का बनावट एक जैसी नहीं होती।अगर आप जरूरत से ज्यादा जिम में पसीना बहा रहे हैं तो उससे भी हार्ट प्रभावित होता है। वहीं, जिम जाने के दौरान कई लोग काफी अधिक प्रोटीन,स्टेरायड सहित कई तरह की दवा का इस्तेमाल करते है जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।

शहर में डेढ़ लाख से अधिक हृदय रोगी

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, आबादी के 10 से 12 प्रतिशत लोग हृदय व उससे जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त हैं। ऐसे में जमशेदपुर की आबादी लगभग 16 लाख है। इस हिसाब से देखा जाए तो यहां डेढ़ लाख से अधिक लोग हृदय व उससे संबंधित बीमारियों से ग्रस्त हैं। वहीं, जमशेदपुर के विभिन्न अस्पतालों का आंकड़ा देखा जाए तो यहां रोजाना 100 से अधिक हृदय रोगियों की पहचान हो रही है।

Edited By: Jitendra Singh

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