जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों का प्रभाव समाज में बहुत गहराई तक है। जल संरक्षण में शिक्षण अपने आचरण से स्कूल के बच्चों, उनके अभिभावकों और समाज के लोगों के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करें। ऐसा करके आप जल संरक्षण में बहुत बड़ा योगदान करेंगे। 

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण बहुत ही जरूरी है। अब सवाल ये है कि इसके लिए हम क्या करें? इसका जवाब ये है कि जो हमारी क्षमता है, उसके अनुरूप छोटे-छोटे काम करें। बहुत जरूरी है कि सबसे पहले हम ये संकल्प लें कि पानी बिल्कुल बर्बाद नहीं होने देंगे। खुले नल बंद करें। जितना जरूरी है उतना ही पानी इस्तेमाल करें। अपने अंदर ये बदलाव लाकर भी आप उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। 

उपायुक्त दैनिक जागरण के अभियान 'सहेज लो हर बूंद' के तहत पीपुल्स एकेडमी उच्च विद्यालय बाराद्वारी में आयोजित जिले के तमाम सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपने स्कूल में सप्ताह में एक दिन बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच जल संरक्षण को लेकर चर्चा-परिचर्चा कराएं प्रयोग उदाहरण के साथ। जिन स्कूलों में बाउंड्री नहीं है उनमें बांस या तार से बाउंड्री बनवाएं और इसके साथ ही गांव के लोगों के साथ समन्वय बनाकर पौधे लगवाएं। चापाकलों और नलों के पास श्रमदान करके सोख्ता गड्ढा बनवाएं। इन्हीं छोटे-छोटे प्रयासों से यह अभियान बहुत दूरगामी परिणाम देगा। 

दूरगामी परिणाम देगी बच्चों में पड़ी नींव : एडीसी 

सेमिनार को संबोधित करते हुए एडीसी सौरव कुमार ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर बच्चों में पड़ी नींव दूरगामी परिणाम देगी। बस जरूरत है कि स्कूल में गठित जागरण जल सेना अपनी पूरी ताकत लगा दे, पूरी शक्ति झोंक दे। सरकार तो इस दिशा में बहुत सारे प्रयास कर ही रही है, दैनिक जागरण के प्रयास की जितनी सराहना की जाए कम है। 

रंग लाएगा दैनिक जागरण का प्रयास 

जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि जमशेदपुर में फरवरी से ही जल संकट शुरू हो जाता है। चापाकल, कुएं सूख जाते हैं। लोगों टैंकरों की राह देखने लगते हैं। जो स्थिति है, उसको देखते हुए सभी मिलकर ऐसा प्रयास करें कि आने वाली पीढिय़ां उनके लिए पानी बचाने के लिए हमें याद करें। इस मुहिम को गांवों तक ले जाने के लिए दैनिक जागरण साधुवाद का पात्र है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के साथ ही पूरा तंत्र तो प्रयास कर ही रहा है, दैनिक जागरण का यह प्रयास जरूर रंग लाएगा। 

संकल्पित बच्चों का प्रयास बनेगा उदाहरण : शिवेंद्र 

जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार ने कहा कि जमशेदपुर में ही 100 स्कूल हैं और 50 हजार बच्चे इनमें पढ़ते हैं। जिले भर में 600 मध्य विद्यालय और 145 उच्च विद्यालय हैं। ये स्कूल जिले के कुल 1700 गांवों को कवर करते हैं। जिले में औसत 1200 मिमी बारिश के बावजूद हम कम पानी संरक्षित कर पाते हैं। अब जागरण जल सेना के संकल्पित बच्चों का प्रयास उदाहरण बनेगा। 

रहिमन पानी राखिए... : बृजमोहन 

जिला शिक्षा अधीक्षक बृजमोहन प्रसाद ने कहा कि हमारे ऋषि-मनीषियों ने बहुत पहले ही कहा था 'रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून, पानी गए न उबरें मोती मानुष चून...'। इसलिए अब सामूहिक प्रयास से पानी की एक-एक बूंद संरक्षित की जाएगी। 

50 से अधिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने की शिरकत 

सेमिनार में जिले के 50 से अधिक मध्य और उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग के एडिशनल प्रोग्रामिंग ऑफिसर अखिलेश सिंह ने किया। सेमिनार को पीपुल्स एकेडमी उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रदीप पांडेय, टाटा वर्कर्स यूनियन हाई स्कूल कदमा की प्रधानाचार्य शिप्रा ने भी संबोधित किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए दैनिक जागरण जमशेदपुर के सहायक संपादक शशि शेखर ने 'सहेज लो हर बूंद' अभियान की महत्ता पर प्रकाश डाला। 

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Posted By: Rakesh Ranjan