जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में नए सत्र से वर्चुअल क्लास रूम के जरिए कक्षाएं संचालित करने की घोषणा अभी तक हवाई साबित हो रही है। बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा प्रदान करने की इस योजना को जल्द शुरू करने का प्रचार धूमधाम से किया गया था। कवायद भी शुरू हुई, डिजिटल क्लासरूम के लिए उपकरण भी खरीदे गए लेकिन उसके बाद मामला ठप पड़ गया है। कॉलेजों में पड़े-पड़े उपकरण धूल फांक रहे हैं।

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यह था उद्देश्य

वर्चुअल क्लास रूम के जरिए कॉलेजों में शिक्षकों की कमी की समस्या को बहुत हद तक दूर किया जा सकता है। इसके जरिए किसी भी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में लगने वाली कक्षा को सभी अंगीभूत कॉलेजों से जोड़ दिया जाएगा। छात्र अपनी कक्षा में बैठकर संबंधित शिक्षक से अपने विषय से संबंधित सवाल कर सकेंगे।

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ट्रॉयल व प्रशिक्षण के बाद मामला ठप

कोल्हान विश्वविद्यालय की ओर से प्रारंभिक तौर पर वर्चुअल क्लास रूम का ट्रायल पूरा किया जा चुका है। पश्चिम ¨सहभूम तथा सरायकेला-खरसावा के छह कॉलेजों के अलावा पीजी डिपार्टमेंट के दो-दो शिक्षकों को वर्चुअल क्लास रूम संचालित करने का प्रशिक्षण दिया विश्वविद्यालय बुलाकर दिया जा चुका है।

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इंटरनेट कनेक्टिविटी बड़ी समस्या

योजना के अमल में इंटरनेट कनेक्टिविटी बड़ी बाधा बनकर सामने आई। बहरागोड़ा कॉलेज, बहरागोड़ा, ¨सहभूम कॉलेज, चाडिल तथा मॉडल महिला कॉलेज, सरायकेला-खरसावा में इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण इन महाविद्यालयों को वर्चुअल क्लास रूम से जोड़ा ही नहीं गया। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन कॉलेजों को वर्चुअल क्लास की रिकार्डेड सीडी भेजी गई ताकि छात्रों को संबंधित विषय में जानकारी मुहैया कराई जा सके। इसके अलावा तीन अंगीभूत कॉलेजों को छोड़कर बाकी सभी कॉलेजों को वर्चुअल क्लास रूम से कनेक्ट किया गया।

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इन कॉलेजों के शिक्षकों को मिल चुका प्रशिक्षण

टाटा कॉलेज, चाईबासा, महिला कॉलेज, चाईबासा, जीसी जैन कॉलेज, चाईबासा, जेएलएन कॉलेज, चक्त्रधरपुर, केसी साहू कॉलेज, सरायकेला, मॉडल महिला कॉलेज, सरायकेला-खरसावा

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वर्चुअल क्लासरूम का संचालन शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा नेट कनेक्टिविटी को लेकर आ रही है। उपकरणों के संचालन में भी कुछ समस्या आई है। सेवा प्रदाता कंपनी को सूचित कर दिया गया है क्योंकि उपकरणों का रखरखाव सेवा प्रदाता कंपनी को ही तीन साल तक करना है। पूरी उम्मीद है कि नए सत्र से वर्चुअल क्लासरूम का संचालन शुरू हो जाएगा।

- डॉ. एके झा, प्रवक्ता कोल्हान विवि

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