विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बेटे की वापसी की आस में जल रही हवन की अग्नि, उधर 10 लाख के लिए रुका है पार्थिव शरीर; रुला देगी कदमा के योग शिक्षक की यह कहानी

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:01 AM (GMT+05:30)

वियतनाम के दा लात शहर में हुए सड़क हादसे में जमशेदपुर के योग प्रशिक्षक विनय यादव और रांची के राजा ...और पढ़ें

वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले कदमा निवासी विनय यादव व रांची के राजा कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने में परेशानी हो रही है।

वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले कदमा निवासी विनय यादव व रांची के राजा कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने में परेशानी हो रही है।

HighLights

  1. वियतनाम हादसे में जमशेदपुर के विनय यादव की मौत।

  2. पार्थिव शरीर लाने में 10 लाख रुपये से अधिक का खर्च।

  3. शोक संतप्त परिवार ने सरकार और दूतावास से मदद मांगी।

जासं, जमशेदपुर। वियतनाम के दा लात शहर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कदमा निवासी 23 वर्षीय योग प्रशिक्षक विनय यादव और रांची के राजा कुमार के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया खर्चीली साबित हो रही है। 
 
दुर्घटना के दो दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले विनय की देह को भारत लाने के लिए करीब 10 लाख रुपये से अधिक के खर्च का आकलन किया गया है। 
 
इस अप्रत्याशित आर्थिक संकट और कठिन अंतरराष्ट्रीय औपचारिकताओं के बीच शोकाकुल परिवार पूरी तरह बेबस है। परिजनों ने केंद्र व राज्य सरकार और भारतीय दूतावास से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
 

वियतनाम में कागजी औपचारिकताओं के लिए अकेले भटक रहे चचेरे भाई 

वियतनाम में मौजूद विनय के चचेरे भाई अभिजीत वहां अस्पताल की अनापत्ति (NOC), दूतावास की मंजूरी और एयरलिफ्ट कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में अकेले भाग-दौड़ कर रहे हैं। 
 
उनके अनुसार, विदेशी जमीन पर सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर शव को भारत भेजने में अभी कम से कम पांच दिनों का अतिरिक्त समय लग सकता है।
 

बेटे की मौत से बेखबर मां कर रही सलामती के लिए हवन 

इधर, जमशेदपुर के कदमा स्थित विनय के घर में बेहद भावुक और गमगीन माहौल है। परिवार के पुरुष सदस्यों ने विनय की मां और घर की महिलाओं से उसकी मौत की खबर छुपा कर रखी है। 
 
मां अपने बेटे को केवल अस्पताल में भर्ती समझकर उसकी सलामती और शीघ्र स्वस्थ होने के लिए घर में निरंतर पूजा-पाठ व हवन कर रही है।
 
दूसरी तरफ, परिवार के पुरुष सदस्य आर्थिक सहायता जुटाने और सरकारी तंत्र से मदद पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
 

नियंत्रण कक्ष को औपचारिक आवेदन का इंतजार 

राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष की प्रमुख शिखा लकड़ा ने बताया कि इसी हादसे में मृत रांची के राजा कुमार के परिजनों ने किसी तरह लगभग 14 लाख रुपये की राशि जुटाकर शव लाने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। 
 
हालांकि, विनय यादव के परिवार की ओर से अभी तक नियंत्रण कक्ष को औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद ही राज्य सरकार के स्तर से आगे की कागजी कार्रवाई और मदद संभव हो सकेगी।