सरायकेला, जेएनएन। कोल्‍हान प्रमंडल के सरायकेला-खरसवां जिले के मुख्‍यालय सरायकेला के एनआर प्लस टू हाई स्कूल क्‍वारंटाइन सेंटर में रखे गए प्रवासी श्रमिकों का धैर्य बुधवार को तब जवाब दे गया जब उन्‍हें पूर्वाह्रन 11 बजे तक नाश्‍ता नहीं दिया गया।

नाश्‍ता की मांग करने पर उन्‍हें साफ मना कर दिया गया। कहा गया कि आज से नाश्‍ता नहीं मिलेगा। सिर्फ दो बार भोजन मुहैया कराया जाएगा। प्रवासी श्रमिकों का आरोप है कि हंगामा करने पर उन्‍हें मुकदमा कर जेल भेज देने की धमकी भी दी गई। हंगामा कर रहे श्रमिकों ने बताया कि नाश्ता और खाना ऐसा दिया जाता है कि उसे जानवर भी नहीं खा सकते। विरोध करने पर धमकी दी जाती है कि जेल में भेज देंगे। श्रमिकों के मुताबिक उन्‍हें टंकी का पानी पीना पड़ता है। टंकी का पानी दोपहर में इतना गर्म हो जाता है कि वह पीने लायक नहीं होता, फ‍िर भी मजबूरी के उसी गर्म पानी को पीना पड़ता है।

पॉलीथ‍िन में दिया जाता खाना,थाली नदारद

श्रमिकों ने बताया कि पॉलीथिन में खाना दिया जाता है। उसी में खाना पड़ता है क्‍योंकि थाली उपलब्‍ध नहीं है। एक ही पॉलीथिन में चावल, दाल और सब्जी डालकर पैक किया जाता है। कभी-कभी वह खाना सुबह का पैक किया रहता है। दोपहर में जब उन लोगों को मिलता है तो खाना में से बदबू आने लगता है और उस दिन उनको भूखे रहना पड़ता है।

नाश्‍ते में करनी पड़ी है कटौती: सिटी मैनेजर

इस बाबत पूछे जाने पर सरायकेला नगर पंचायत के सिटी मैनेजर सुमित सुमन ने बताया कि पहले एक श्रमिक पर 100 दिया जाता था। अब सिर्फ 60 रुपया मिल रहा है। इसलिए आज से नाश्ता बंद कर दिया गया है। केवल दो वक्‍त खाना दिया जाएगा। नगर पंचायत के सिटी मैनेजर सुमित सुमन को सेंटर की देखरेख करने का प्रभार दिया गया है। हंगामें के बाद  थोड़ी खिचड़ी दी गई जिसे श्रमिकों ने लेने से इन्‍कार कर दिया।

Posted By: Rakesh Ranjan

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