जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन और सिंहभूम चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में झारखंड की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले जमशेदपुर शहर में वाणिज्यिक व औद़योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए सोलर रूफटॉप पर एक सिटी डायलॉग (नगर परिचर्चा) का आयोजन किया। 

इस अवसर पर सीड के एनालिस्ट-पावर सेक्टर अश्विनी अशोक ने झारखंड में सोलर एनर्जी की संभावना को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड के दो प्रमुख शहर, जमशेदपुर और रांची में पूर्वी भारत का सोलर पावर केंद्र बनने की असीम संभावनाएं हैं। एक ओर जहां पूरे भारत में सोलर रूफटॉप को लगाने की गति लगातार तेज होती जा रही है, वहीं झारखंड इस मामले में पिछड़ रहा है। झारखंड सरकार ने वर्ष 2015 में झारखंड स्टेट सोलर पावर पॉलिसी की शुरूआत की थी, जिसका लक्ष्य वर्ष 2020 तक ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर होते हुए सौर संसाधन से बिजली उत्पादन को 2650 मेगावाट तक ले जाना था।

इसी तरह वर्ष 2018 की झारखंड सोलर रूफटॉप पॉलिसी ने आगामी वर्ष 2022 तक 500 मेगावाट सोलर रूफटॉप की संस्थापित क्षमता का लक्ष्य रखा है। अभी तक करीब 19 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप को ही कमीशन किया गया है। अश्विनी अशोक ने आगे बताया कि सोलर ऊर्जा की तरफ बदलाव किस तरह उद्योगों के लिए लाभदायक होगा और इसी अनुरूप उन्होंने सोलर रूफटॉप को अपनाने के लिए सभी औद्योगिक व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया। इस कंसल्टेशन बैठक में बतौर मुख्य अतिथि सिंहभूम चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस प्रेसिडेंट नीतेश धूत ने कहा कि भारत में अभी इंडस्ट्रीयल और कमर्शियल कस्टमर सोलर पीवी रूफटॉप को अपनाने में सबसे आगे रहे हैं। उनके व्यवसाय में उच्च बिजली उपभोग ने उन्हें ज्यादा बिजली शुल्क चुकानेवाले वर्गों में रखा है, ऐसे में सोलर उपायों से पैदा बिजली उनके के लिए लागत प्रभावी और किफायती होती है।

उद्योगों के पास वित्तीय क्षमता है कि वे शुरूआती निवेश करे और दीर्घकालिक लीजिंग कॉन्ट्रेक्ट को अमल में लाएं। इसी तरह कमर्शियल यूनिट्स के पास शॉपिंग मॉल, होटल, फैक्टरी, वेयरहाउस और पार्किंग लॉट जैसी अनेक जगहों की छतों का इस्तेमाल सोलर रूफटॉप के लिए बेहतर तरीके से होने से ये सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने में बेहतरीन कंज्यूमर्स बन जाते हैं। अभी सबसे ज्यादा जरूरत योग्य रूफटॉप स्पेस को अधिकाधिक बढ़ाने की और नयी इमारतों व भवनों में ज्यादा सोलर रूफटॉप को बढ़ावा देने वाले प्रभावी नियम लागू करने की है।

इस बैठक में औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने राज्य स्तरीय जागरूकता अभियान और प्रचार-प्रसार की जरूरत पर बल दिया, ताकि लोगों में इसके प्रति सकारात्मक विचार पैदा हो। इसी क्रम में उन्होंने उच्च गुणवत्ता की उपभोक्ता संबंधी जानकारी और सोलर सिस्टम की क्वालिटी के लिए सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया, जिससे उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम और सप्लायर्स के मामले में ज्यादा प्रभावी व बेहतर विकल्पों को चुनने में मदद मिल सके। इस कंसल्टेशन बैठक का आयोजन वाणिज्यिक व औद्योगिक उपभोक्ताओं के बीच सोलर रूफटॉप के समाधान को प्रोत्साहित करने के इरादे से किया गया। जिसमें औद्योगिक क्षेत्र के विविध निकायों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों समेत अन्य वाणिज्यिक इकाइयों को रूफटॉप सोलर प्रणाली को अपनाने तथा सौर ऊर्जा का फायदा उठाने के लिए प्रेरित करना था। इस बैठक ने इन वाणिज्यिक और औद्यागिक उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा को अंगीकार करने और झारखंड में वाणिज्यिक व औद्योगिक इकाइयों द्वारा सोलर रूफटॉप को अपनाने में आने वाली बाधाओं पर चर्चा-विमर्श करने का एक बेहतर मंच प्रदान किया। बैठक में सरकारी विभागों एवं एजेंसियों, उद्योग जगत, निवेशक तथा सिविल सोसायटी सगंठनों के प्रतिनिधियों ने भागदारी की। बैठक में सभी स्टैक्होल्डर्स ने स्वीकार किया कि विकेद्रीकृत ढंग से सोलर रूफटॉप संसाधन बढ़ती ऊर्जा मांग से निपटने में कारगर होंगे और साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े पैमाने पर पूंजीगत निवेश को भी ये संभव बना सकते हैं।

 

Posted By: Vikas Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस