जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। होम क्‍वारंटाइन, आइसोलेट। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर चहुंओर भय के माहौल के बीच यह समझना भी जरूरी है कि आखिर इनका मतलब क्‍या होता है। वर्तमान हालात में ये किसलिए जरूरी हैं। इस संबंध में जिला सर्विलांस पदाधिकारी आइएमए के सह प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एके लाल बताते हैं। आइए, आप भी जानें।  

होम क्वरंटाइन को लेकर लोग भयभीत है। उनको लग रहा है कि बीमारी की वजह से उन्हें होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। लेकिन, ऐसा नहीं है। इसके मतलब को समझने की जरूरत है। अगर कोई व्यक्ति में संक्रमण की आशंका है तो परिवार से दूरी बनाकर रहें। संभव हो तो अपने लिए ऐसा कमरा व बाथरूम तय कर लें, जिसका उपयोग सिर्फ आप करें।

वयस्क कम से कम 30 मिनट और बच्चे एक घंटे करें व्यायाम

डब्ल्यूएचओ सलाह देता है कि वयस्क कम से कम 30 मिनट और बच्चे एक घंटे व्यायाम करें। अपने रूम में मेहमानों को नहीं आने दें। अगर कोई मिलने आए आए भी तो उससे एक से दो मीटर की दूरी बनाए रखें। घर के अंदर भी ज्यादा न घूमें।

डॉक्टर को दिखाने के अलावा घर से न निकलें। अगर घर से ऑफिस का काम कर रहे हैं, तो लगातार एक पोजीशन में न बैठे। हर तीस मिनट में 3 मिनट का ब्रेक लें।

इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाएं

इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाएं। इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाएं। शराब और शुगर वाले ड्रिंक्‍स से बचें। स्मोङ्क्षकग न करें क्योंकि इससे कोविड-19 के लक्षण बढ़ सकते हैं और बीमारी गंभीर हो सकती है। कोशिश करें कि एक बार में ही पूरी शॉपिंग कर लें, ताकि घर से बार-बार न निकलना पड़े।

कुछ दिनों के लिए अपने खाने के बर्तन, गिलास आदि अलग कर लें। तौलिया, चादर भी अलग रखें। उपयोग के बाद इन चीजों को डिटॉल, सैवलॉन आदि में धोएं।

 

Posted By: Vikas Srivastava

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