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Japan Para-Badminton: जमशेदपुर के उमेश विक्रम कुमार ने जीता रजत पदक, प्रमोद भगत बने चैंपियन

Published: Mon, 14 Sep 2026 11:14 AM (IST)

जमशेदपुर के उमेश विक्रम कुमार ने हुलिक दाइहात्सु जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में पुरुष एकल (एसएल-3 वर्ग) में रजत पदक ...और पढ़ें

पुरुष एकल के फाइनल मुकाबले में जमशेदपुर (झारखंड) का प्रतिनिधित्व कर रहे उमेश विक्रम कुमार ने बढ़ाया देश का मान।

पुरुष एकल के फाइनल मुकाबले में जमशेदपुर (झारखंड) का प्रतिनिधित्व कर रहे उमेश विक्रम कुमार ने बढ़ाया देश का मान।

HighLights

  1. फाइनल में प्रमोद भगत ने उमेश को हराकर स्वर्ण पदक जीता।

  2. जमशेदपुर के उमेश टाटा स्टील में कार्यरत, 2028 पैरालंपिक लक्ष्य।

जासं, जमशेदपुर टोक्यो के प्रतिष्ठित टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में संपन्न हुए हुलिक दाइहात्सु जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में भारतीय शटलरों ने शानदार प्रदर्शन किया है। 
 
पुरुष एकल (एसएल-3 वर्ग) के फाइनल मुकाबले में जमशेदपुर (झारखंड) का प्रतिनिधित्व कर रहे उमेश विक्रम कुमार ने देश का मान बढ़ाते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया।
 

30 मिनट चला रोमांचक फाइनल 

सोमवार को खेले गए 30 मिनट के फाइनल मुकाबले में उमेश विक्रम कुमार को हमवतन व टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता दिग्गज प्रमोद भगत के हाथों 16-21, 8-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। 
 
इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक भारत के प्रमोद भगत ने जीता, जबकि टूर्नामेंट के नियमानुसार सेमीफाइनल में पहुंचे जापान के दिग्गज खिलाड़ी दाइसुके फुजिहारा को कांस्य पदक मिला।
 

पहले गेम में बढ़त, फिर अनुभवी भगत की वापसी 

फाइनल मुकाबले की शुरुआत में उमेश विक्रम कुमार ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए कोर्ट पर सटीक प्लेसमेंट व तेज स्मैश के दम पर 5 अंकों की मजबूत बढ़त बना ली थी। 
 
हालांकि, छह बार के विश्व चैंपियन प्रमोद भगत ने अपने अनुभव का परिचय देते हुए लंबी रैलियों के जरिए उमेश की लय तोड़ी और पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में प्रमोद भगत पूरी तरह हावी रहे और 21-8 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।
 

2017 से सज रहा विश्व मंच 

विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) द्वारा मान्यता प्राप्त यह टूर्नामेंट 2017 से टोक्यो में आयोजित किया जा रहा है। 8 से 13 सितंबर तक चले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में विश्व के 32 देशों के 200 से अधिक शीर्ष पैरा शटलरों ने हिस्सा लिया। 

टाटा स्टील से विश्व फलक तक का प्रेरणादायी सफर 

मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी निवासी उमेश विक्रम कुमार टाटा स्टील के प्रोक्योरमेंट प्रभाग में कार्यरत हैं और जमशेदपुर के JRD टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अभ्यास करते हैं। 
 
पिछले वर्ष सितंबर 2025 में विश्व नंबर एक शटलर की रैंकिंग हासिल करने वाले उमेश ने हाल ही में पेरू इंटरनेशनल 2026 में स्वर्ण पदक जीता था। उमेश का अगला लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है।