जमशेदपुर, जासं। झारखंड के जमशेदपुुुर के वरिष्ठ अधिवक्ता उदित कुमार सरकार टाटा स्टील समेत टाटा समूह की कई कंपनियों से जुड़े थे। वे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टिमकेन, टेल्कॉन, आइएसडब्ल्यूपी (तार कंपनी), रामकृष्णा फोर्जिंग के अलावा आयकर विभाग जमशेदपुर के कानूनी मामले देखते थे।

उदित कुमार ने वकालत की शुरुआत पटना हाईकोर्ट से 1984 में की थी। उन्होंने पटना हाईकोर्ट की रांची खंडपीठ के मशहूर वकील एसबी सिन्हा के सानिध्य में वकालत शुरू की थी। तब वे अपने साथी वकील मंगल बनर्जी के साथ रांची के होटल में रहते थे।

1989 में टाटा स्टील के बने उपनिदेशक

पांच साल तक प्रैक्टिस करने के बाद 1989 में उदित ने टाटा स्टील में उपनिदेशक (विधि सेवा) के पद पर नौकरी शुरू की। 1991 में सरकार ने जमशेदपुर को नगर निगम बनाने की पहल शुरू की। टाटा स्टील की ओर से उन्होंने यह मुकदमा लड़ा। हाईकोर्ट ने सरकार के इस निर्णय को निरस्त कर दिया। इस मुकदमे से उन्हें खासी प्रसिद्धि मिली।

जमशेदपुर कोर्ट में 1995 से जुड़े

उदित सरकार जून 1995 में टाटा स्टील से इस्तीफा देकर जमशेदपुर कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे। तब से वे लगातार जुड़े रहे। यहां वे 2004 से 2017 तक नारकोटिक्स एंड ड्रग्स के विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर) रहे, जबकि 2017 से अब तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के स्पेशल पीपी थे।

सीए की पढ़ाई के लिए गए थे कोलकाता

उदित सरकार वकील नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने अधिवक्ता पिता स्व. अशोक कुमार सरकार के कहने पर जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में लॉ में रजिस्ट्रेशन करा तो लिया, लेकिन सीए करने के लिए कोलकाता चले गए। यहां उन्होंने प्राइस वाटर हाउस में आर्टिकलशिप की एक साल की पढ़ाई की, लेकिन जब मन नहीं लगा तो जमशेदपुर चले आए। उदित लॉ पार्ट टू की परीक्षा दिए ही थे कि पिता का निधन हो गया। उस समय उदित की उम्र 24 साल थी। उन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरी की और वकालत करना शुरू करके पिता के विश्वास को कायम रखा। आज तक उनके लड़े हुए 100 से अधिक मुकदमे विभिन्न लॉ जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं।

बंगाल क्लब के रहे अध्यक्ष, जेएससीए की रखी नींव

अधिवक्ता उदित सरकार वकालत से हटकर सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेते थे। वे बंगाल क्लब के अध्यक्ष तो रहे ही, आमबगान दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष, जमशेदपुर दुर्गाबाड़ी के ट्रस्टी, बेल्डीह क्लब प्रबंध समिति के सदस्य भी रहे। उनका योगदान झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में अहम रहा। उन्होंने ना केवल जमशेदपुर में इस संस्था की नींव रखी, बल्कि आइपीएस अमिताभ चौधरी को अध्यक्ष बनाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। स्कूल-कालेज के जमाने में उदित क्रिकेट खेलते थे, जबकि पिछले आठ साल से बेल्डीह क्लब में नियमित गोल्फ खेलते थे।  

Posted By: Rakesh Ranjan

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