जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय के न्यायालय ने सिदगोड़ा की नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म मामले में जुगसलाई गर्ल्स स्कूल रोड निवासी विपुल शर्मा और कदमा इसीसी फ्लैट के शुभांकर दास को गुरुवार को 25-25 साल और 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता को एक लाख रुपये देने का आदेश दिए गए। रुपये नहीं देने पर सजा की अवधि पांच साल के लिए बढ़ जाएगी। मामले में सात लोगों की गवाही हुई।

शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म

मामला 12 मई 2017 को सिदगोड़ा थाना तक पहुंचा था। नाबालिग ने विपुल और शुभांकर के विरुद्ध सिदगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना के समय पीड़िता की उम्र 15 साल थी। थाना तक मामला पहुंचने के तीन साल पहले 2014 में विपुल शर्मा नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाकर ले गया था। जुगसलाई गर्ल्स स्कूल रोड में नाबालिग को रखा। अपने और शुभांकर दास के साथ मिलकर जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा। शुभांकर के कदमा इसीसी फ्लैट में भी ले जाकर गलत करता रहा। प्रताड़ित भी किया। नशे की दवा का सेवन कराता था।

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दुष्कर्म के बाद मां बनी नाबालिग

पीड़िता ने बताया कि विरोध करने पर दोनों जान से मारने की धमकी देते थे। इस दौरान नाबालिग ने एक बच्ची को भी जन्म दिया। अंततः प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने घर माता-पिता के पास लौट गई। स्वजनों ने उसकी शादी बारीडीह में दूसरे युवक से करा दी।। बावजूद दोनों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।

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शादी के बाद भी किया प्रताड़ित

इसके बाद दोनों आरोपित उसके ससुराल पहुंच गए। डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया और सिगरेट से पूरे शरीर को जला दिया था। इसके बाद उसके पति की बाइक लेकर भी दोनों फरार हो गए थे। पिता और उसके मुंहबोले भाई को जान से मारने की धमकी हमेशा देते थे। प्राथमिकी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपित को गिरफ्तार किया था।

Edited By: Aditi Choudhary