जमशेदपुर, जासं।साइबर अपराधियों का नया हथकंडा हैरान करनेवाली है। बिष्टुपुर साइबर थाना की पुलिस ने साइबर अपराधियों को ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले प्रदीप मजूमदार और सोनू महतो को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर 30 से अधिक बैंक खाते, 10 मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।

खातों का उपयोग साइबर अपराधी ट्रांजेक्शन के लिए करते थे। गिरफ्तार युवकों में एमजीएम थाना क्षेत्र भिलाई पहाड़ी निवासी सोनू महतो और घाटशिला काशीदा का प्रदीप मजूमदार है। इनमें प्रदीप रेल विभाग का बर्खास्त कर्मचारी है। सोनू महतो मूल रूप से बिहार के गया जिले के डोभी का निवासी है। उसके पिता आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करते थे। यह जानकारी बिष्टुपुर साइबर थाना के प्रभारी उपेंद्र मंडल ने दी।

रेलवे में ग्रुप डी कर्मचारी था प्रदीप
प्रदीप मजूमदार ने पुलिस को बताया 2007 में वह टाटानगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे रेलवे में ग्रुप डी में भर्ती हुआ था। वरीय अधिकारी द्वारा घर का काम कराने को लेकर उसका विवाद अधिकारी से हुआ तो अधिकारी ने उसे शोकॉज कर दिया। उसे काम से निकाल दिया गया। इसकी चुनौती उसने कोर्ट में दी मामला अभी चल रहा है। न्यायालय का चक्कर काट रहा है। उसकी मुलाकात जयराम टुडू के साथ हुई जो न्यायालय में एफिडेविट करने का काम करता है। नौकरी मामले में कोई फैसला नही आने के कारण वह अर्थिक तंगी से परेशान हो गया।
पांच हजार रुपया में बेच देता था बैंक खाता 
जयराम टुडू ने उसे बताया कि बैंक खाता खुलवा कर यदि दोगे तो इसके एवज में पांच हजार रुपया मिलेंगे। पहली बार कोटक महिंद्रा बैंक में खाता खुलवाया। जयराम टुडू ने उसे पांच हजार रुपये दिए। बाद में जयराम ने राहुल नामक युवक से उसका परिचय कराया। राहुल को उसने बैंक खाता उपलब्ध कराना शुरू किया। हर एक खाता के लिए पांच हजार मिलते थे। इस दौरान सत्यम सांडिल से उसकी मुलाकात हुई। उससे वह तीन हजार रुपये में खाता लेता था। इसे पांच हजार में बेच देता था। सोनू महतो ने भी कई लोगों का बैक खाता खुलवाया और इस खाते से ठगी के  रुपये का ट्रांजेक्शन कर लेता था। वह हर छह माह में घर बदल लेता था। एमजीएम थाना क्षेत्र में वह किराये के मकान में रहता है। सोनू और राहुल गिरोह के सरगना है। बैंक खाता उपलब्ध कराने में बैंक पदाधिकारियों की संलिप्तता सामने आ रही है।
इन बैंकों का खाता किया गया जब्त 
सोनू महतो और प्रदीप मजूमदार की निशानदेही पर आइडीबीआइ बैंक, कोटेक मङ्क्षहद्रा, एसबीआइ, इंडियन बैंक का खाता जब्त किया गया है। गिरोह के सदस्य 2017 से साइबर ठगी मामले में सक्रिय है।
एक करोड़ 12 लाख रुपये का हुआ ट्रांजेक्शन 
प्रदीप मजूमदार की परसुडीह हलुदबनी कदानी रोड स्थित कोटेक मङ्क्षहद्रा शाखा की बैक खाता से 2018 से लेकर अब तक एक करोड़ 12 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया है।
सोनू महतो की खाते में मिली 10 लाख रुपये फ्रीज किए गए
सोनू महतो की साकची आइडीबीआइ बैंक की खाते में पुलिस को 10 लाख मिले। जानकारी के बाद खाते को फ्रिज करवा दिया गया।
सोनू का सहयोगी मंतोष बैक खाते के लिए बनाता था दस्तावेज
सोनू महतो का सहयोगी मंतोष और सत्यम सांडिल दोनों सोनू महतो के एमजीएम थाना क्षेत्र आवास के पड़ोसी है। मंतोष और सत्यम बैंक खाता के लिए जो आवश्यक दस्तावेज होते हैं। उसे तैयार करता था।
कुछ इस तरह पकड़ में आया सोनू महतो
सोनू महतो के बैंक खाते में रुपये ट्रांजेक्शन होने के कारण इंडियन बैंक के प्रबंधक को शक हुआ। उसे कार्यालय में बैठा कर रखा गया। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उसे मौके से पकड़ा। इसके बाद प्रदीप मजूमदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 
लॉटरी में इनाम निकलने और मोबाइल टावर लगाने के नाम पर करते थे ठगी
सोनू महतो अपने साथी मंतोष, राहुल और अन्य के साथ मिलकर साइबर ठगी का गिरोह संचालित करता था। लॉटरी में इनाम निकलने, आधार कार्ड लिंक करने का झांसा देकर, बैंक अधिकारी बनकर एकाउंट की जानकारी लेकर, एटीएम कार्ड बदलकर, व्यापार का लालच देकर, मोबाइल टॉवर लगाने, वेबसाइट की डुप्लीकेट वेबासाइट बनाकर, हेल्पलाइन पर मदद  देने के बहाने लोगों से बैंक एकाउंट और एटीएम का गोपनीय नंबर की जानकारी पाकर रुपये की निकासी कर लेते थे और अपने बैंक खातों में स्थानांतरित कर देते थे। बैंक खाता हैंक कर रुपये निकासी करने में सोनू महतो माहिर है। पुलिस मंतोष, राहुल और सत्यम की तलाश कर रही है।
जनवरी में भी पकड़े गए थे साइबर अपराधी, राकेश केसरी अब तक फरार
 गूगल पर अलग-अलग कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर को हैंक कर उसमें अपना नंबर डालकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य गोविंदपुर निवासी राहुल कुमार मिश्रा, मानगो टीचर्स कॉलोनी निवासी धीरज शर्मा और मानगो समतानगर निवासी राकेश महतो को गिरफ्तार किया था। सरगना महेश पोद्दार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। मानगो शंकोसाई घर से 13 लाख रुपये, लैपटाप, कई बैंक का खाता और चेकबुक बरामद किया था। मामले में राकेश केसरी अब तक फरार है। 
 साइबर अपराधियों की ठगी का नया हथकंडा
साइबर अपराधियों ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रुपये का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी में कर रहे है। सोनू महतो और उसके गिरोह  के पास से बरामद बैंक खाते ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों की है। खातों पर ग्राहकों के नाम-पता का पुलिस पता लगा रही है।

Posted By: Rakesh Ranjan

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