जमशेदपुर में अनोखी पहल: 5 रुपये में थैला और 50 रुपये में जींस; पुराने सामान से संवरेगा जरूरतमंदों का जीवन
टाटा स्टील यूआईएसएल ने जमशेदपुर में 'री-लाइफ' पहल शुरू की है, जिसके तहत पुराने कपड़े, जूते, किताबें और घरेलू सामान एकत्र कर मामूली कीमत पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

टाटा स्टील यूआईएसएल का उद्देश्य कचरा कम करना, पर्यावरण बचाना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद करना है।
HighLights
TSUISL ने जमशेदपुर में 'री-लाइफ' पहल की शुरुआत की।
पुराने सामान मामूली कीमत पर जरूरतमंदों को उपलब्ध होंगे।
4500 से अधिक किताबों से बनेगी सामुदायिक पुस्तकालय।
जासं, जमशेदपुर। घरों में बेकार पड़े पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, किताबें, खिलौने और अन्य घरेलू सामान अब जरूरतमंदों के काम आएंगे।
टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) ने इन वस्तुओं को पुनः उपयोगी बनाने के लिए बिष्टुपुर स्थित जी टाउन क्लब के पास री-लाइफ (Re-Life) पहल की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत अनुपयोगी वस्तुओं की सफाई और मरम्मत कर उन्हें मामूली कीमत पर आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे जहां एक ओर जरूरतमंदों को कम कीमत पर आवश्यक सामान मिल सकेगा, वहीं दूसरी ओर कचरे में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरण और संसाधनों का संरक्षण भी संभव होगा।
टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर ने पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और पुनः प्राप्ति (Reuse, Recycle & Recovery) के लिए तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कंपनी को 27 हजार किलोग्राम पुराने कपड़े प्राप्त हुए हैं
उन्होंने बताया कि शुरुआती प्रयास में ही कंपनी को 27 हजार किलोग्राम पुराने कपड़े प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 8 हजार किलोग्राम कपड़े दोबारा इस्तेमाल के योग्य थे। इन कपड़ों को साफ और मरम्मत कर नया रूप दिया जा रहा है।
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि सामानों पर बहुत मामूली कीमत इसलिए रखी गई है ताकि खरीदने वालों में यह भावना न आए कि वे दान की वस्तुएं ले रहे हैं।
बिक्री से प्राप्त राशि कर्मचारियों के वेतन और सामाजिक दायित्व (CSR) के कार्यों में लगाई जाएगी। जो कपड़े इस्तेमाल के लायक नहीं होंगे, उनसे एनजीओ की मदद से दरी, कालीन और अन्य सामान बनाए जाएंगे।
शहरवासी अपने पुराने कपड़े नजदीकी 'पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट' केंद्र या उपभोक्ता केंद्र में दान कर सकते हैं, जिसके बदले उन्हें ई-सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
प्रमुख सामानों की तय दरें
- ₹05: कपड़े का थैला
- ₹25: बच्चों के कपड़े, जूते और स्कूल बैग
- ₹40: महिलाओं की चप्पलें
- ₹50: पुरुषों के लिए जींस
- ₹90: अच्छी गुणवत्ता वाली जींस और महिलाओं के लिए साड़ी
दीपावली पर गर्म कपड़े दान करने की अपील
कंपनी ने शहरवासियों से आगामी दीपावली के अवसर पर अनुपयोगी सामानों के साथ-साथ स्वेटर, जैकेट और अन्य गर्म कपड़े दान करने की अपील की है।
इस पहल का लाभ सफाई मित्रों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया जाएगा।
कंपनी के शहर में कुल 12 केंद्र हैं, जो पूरे सप्ताह सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलते हैं। जल्द ही एक बड़ा कलेक्शन सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
4500 से अधिक पुरानी किताबों से बनेगी सामुदायिक लाइब्रेरी
कंपनी के जनस्वास्थ्य विभाग के प्रमुख मनोज सिंह शेखावत ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत 4,500 से अधिक पुरानी किताबें, उपन्यास और पाठ्यक्रम की पुस्तकें एकत्र की गई हैं।
हाल ही में 'डीएम लाइब्रेरी' को 1,000 पुस्तकें दान की गई हैं। जल्द ही एक सामुदायिक पुस्तकालय शुरू होगा, जहां नाममात्र की सिक्योरिटी मनी जमा कर लोग निःशुल्क पुस्तकें पढ़ सकेंगे। इस पहल को शहरी एवं आवास विकास मंत्रालय द्वारा भी सराहा गया है।
