TSDPL में हो गया वेतन समझौता, कर्मचारियों के मासिक वेतन में ₹14400 और CTC में ₹18200 तक की बंपर बढ़ोतरी
टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड (TSDPL) में 550 कर्मचारियों के लिए वेतन समझौता संपन्न हो गया है, जिससे मासिक वेतन में ₹14,400 और सीटीसी में ₹18,200 तक की वृद्धि होगी।

HighLights
550 TSDPL कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक वेतन समझौता संपन्न।
सात साल (2023-2030) के लिए प्रभावी, 33 महीने का एरियर।
जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड (TSDPL) के करीब 550 कर्मचारियों का पिछले 33 महीनों से लंबित ग्रेड रिवीजन समझौता मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस नए समझौते के लागू होने से कर्मचारियों के मासिक नकद वेतन (कैश-इन-हैंड) में ₹12,200 से लेकर ₹14,400 तक तथा कॉस्ट-टू-कंपनी (सीटीसी) में अधिकतम ₹18,200 प्रति माह तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही, कर्मचारियों को 1 अक्टूबर 2023 से लंबित कुल 1,016 दिनों (33 माह) का एकमुश्त एरियर भी प्रदान किया जाएगा। यह एग्रीमेंट कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे लंबी अवधि वाला समझौता है, जिसे आगामी सात वर्षों (2023 से 2030) के लिए प्रभावी किया गया है।
एमजीबी में ₹6,400 की सीधी वृद्धि हुई
समझौते के तहत, कर्मचारियों के मिनिमम गारंटी बेनिफिट(एमजीबी) में ₹6,400 की सीधी वृद्धि सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, हाउस Rent अलाउंस (एचआरए) में 10 प्रतिशत और कंटीजेंसी भत्ते में 29 प्रतिशत का भारी इजाफा किया गया है।
अन्य भत्तों में भी व्यापक संशोधन करते हुए वाशिंग अलाउंस को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,400, नाइट शिफ्ट अलाउंस को ₹80 से बढ़ाकर ₹108, एजुकेशन अलाउंस को ₹1,700 से बढ़ाकर ₹2,500 तथा कन्वेयंस अलाउंस को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह कर दिया गया है।
सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए मेडिक्लेम की राशि को 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि 25 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम का 50-50 प्रतिशत भुगतान प्रबंधन और यूनियन मिलकर करेंगे।
कर्मचारी पुत्रों के नियोजन का मार्ग भी पूरी तरह साफ हो गया
इस समझौते की एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसके जरिए कर्मचारियों के पुत्रों के नियोजन का मार्ग भी पूरी तरह साफ हो गया है। इस बंपर वेतन वृद्धि के बीच न्यू सीरीज (एनएस) ग्रेड के कर्मचारियों के मुद्दे पर शुरुआत में भारी विवाद देखने को मिला था।
पुराने कर्मियों के मुकाबले लाभ कम होने की भनक पर प्लांट में टकराव की स्थिति बनी, परंतु अंतिम दौर में बीच का रास्ता निकालते हुए प्रबंधन ने एनएस ग्रेड कर्मियों के वेतन में भी औसतन ₹4,000 की वृद्धि सुनिश्चित कर गतिरोध को शांत कर दिया। इसके विपरीत, पुराने कर्मियों को सीधे ₹14,000 तक का नकद लाभ मिला है।
समझौते तक पहुंचने की राह बेहद चुनौतीपूर्ण रही
इस समझौते तक पहुंचने की राह बेहद चुनौतीपूर्ण और तल्ख वार्ताओं से भरी रही। शुरुआती दौर में प्रबंधन ने बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा और घटते लाभांश का तर्क देते हुए महज ₹8,000 की वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा था।
परंतु यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय और महामंत्री त्रिदेव सिंह ने टिनप्लेट और ब्लूस्कोप जैसी सहयोगी कंपनियों के हालिया समझौतों का हवाला देते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया। कई दौर की मैराथन और तल्ख बैठकों के बाद आखिरकार प्रबंधन को झुकना पड़ा और पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए।
2011 के समझौते में 6,000 का लाभ मिला था
यदि ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो टीएसडीपीएल में वेतन वृद्धि का ग्राफ हर समझौते के साथ मजबूत हुआ है। वर्ष 2005 से 2011 के समझौते में कर्मियों को ₹4,500 से ₹6,000 का लाभ मिला था।
इसके बाद 2011-2017 के एग्रीमेंट में यह आंकड़ा ₹8,000 से ₹9,000 तक पहुंचा। वहीं, पिछला समझौता (2017-2023) काफी अहम रहा था, जिसमें ₹12,300 तक की बड़ी वृद्धि हुई थी।
अब सात साल (2023-2030) के लिए लागू हुए इस नवीनतम समझौते ने अधिकतम सीटीसी वृद्धि को ₹18,200 तक पहुंचाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इस ऐतिहासिक दस्तावेज पर प्रबंधन की ओर से प्रबंध निदेशक (एमडी) जगजीत सिंह, वाइस प्रेसिडेंट अविनाश मेहता, सीएचआरओ करण लखानी तथा यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, महामंत्री त्रिदेव सिंह समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर औद्योगिक शांति और कर्मचारी कल्याण के एक नए युग की शुरुआत की।
