जमशेदपुर, जासं। अभी हम जो सोलर प्लेट या सौर ऊर्जा के सेल देखते हैं, वे एक ठोस तख्ती की तरह होती हैं। इन्हें छत या खुले मैदान में खंभों के सहारे लगाया जाता है, लेकिन बहुत जल्द सोलर सेल की ये प्लेट पारदर्शी और ऐसी बनने वाली है, जो घर की खिड़कियों में कांच की जगह लगेंगी। इससे ना केवल कांच वाली खिड़की का उद्देश्य पूरा होगा, बल्कि घर में खपत होने वाली बिजली इन पारदर्शी खिड़कियों से ही बन जाएगी। जमशेदपुर के जाने-माने टेक एक्सपर्ट मनोज कुमार ने बताया कि मिशिगन विश्वविद्यालय में इस पर शोध हो रहा है।

पारदर्शी खिड़कियां करेंगी सोलर पैनल का काम

उन्होंने बताया कि शोधकर्ताओं ने पारदर्शी सौर पैनल बनाए हैं, जिनके बारे में उनका दावा किया जा रहा है कि यह हमारे घरों, इमारतों और यहां तक ​​कि किराए के अपार्टमेंट में बिजली पैदा करने वाली खिड़कियों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि ऐसा हो गया तो हमारे पास बहुत जल्द सस्ती सौर ऊर्जा पहुंच सकती है। हम पारंपरिक बिजली के खर्च से बच सकते हैं, जिसका नियमित रूप से बिल चुकाना पड़ता है।

रोशनी को अवशोषित भी करेगी खिड़की

आप सोच रहे होंगे कि जब खिड़की पारदर्शी होगी तो यह सूर्य के प्रकाश से बिजली कैसे उत्पन्न करेगी। लेकिन इसे इस तरह बनाया जा रहा है जो सौर कोशिकाओं को अवशोषित भी करेगी। वे सूरज की रोशनी को पूरी तरह से अपने पास से गुजरने नहीं देंगी। कुछ लोगों को पारदर्शी सौर पैनलों का विचार बेतुका और पूरी तरह से अतार्किक लग सकता है क्योंकि एक पारदर्शी पैनल विकिरण को अवशोषित करने में असमर्थ होगा। लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है।

सोलर प्लेट में लगी होगी टीएलएससी

मिशिगन विश्वविद्यालय में इंजीनियरों द्वारा बनाए गए सोलर पैनल में पारदर्शी ल्यूमिनसेंट सोलर कंसंट्रेटर्स (TLSC) होंगे। साइनाइन से बना TLSC इंफ्रारेड और यूवी रोशनी सहित अदृश्य सौर विकिरण को चुनिंदा रूप से अवशोषित करने में सक्षम है, और बाकी दृश्य किरणों को उनके माध्यम से गुजरने देता है। दूसरे शब्दों में ये उपकरण खिड़की की तरह मानव आंखों के लिए पारदर्शी है। लेकिन फिर भी सौर प्रकाश के एक अंश को अवशोषित करते हैं, जिसे वे बिजली में परिवर्तित कर सकते हैं। यह अपेक्षाकृत नई तकनीक है, जिसे पहली बार 2013 में विकसित किया गया था, लेकिन अब यह ज्यादा विकसित हो रहा है।

कार की छत पर भी लगेंगे पारदर्शी सोलर पैनल

टीएलएससी से लैस पैनलों को पतली पारदर्शी चादरों के रूप में ढाला जा सकता है, जिनका उपयोग आगे चलकर खिड़कियां, स्मार्टफोन स्क्रीन और कार की छत बनाने के लिए भी किया जा सकता है। पारंपरिक पैनलों के विपरीत, पारदर्शी सौर पैनल सिलिकॉन का उपयोग नहीं करते हैं। वे कार्बन-आधारित IC-SAM परत और जिंक ऑक्साइड परत से युक्त होते हैं। आइसी-एसएएम परतें न केवल पैनल की दक्षता में वृद्धि करती हैं, बल्कि सौर कोशिकाओं के विकिरण-अवशोषित क्षेत्रों को टूटने से भी रोकती हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि उनके पारदर्शी सौर पैनल 30 साल तक चल सकते हैं, जिससे वे अधिकांश नियमित सौर पैनलों की तुलना में अधिक टिकाऊ हो जाते हैं।

नीदरलैंड में हो चुका प्रयोग

पारदर्शी सोलर पैनल का उपयोग नीदरलैंड की कंपनी PHYSEE ने किया है। कंपनी ने नीदरलैंड में एक बैंक भवन के 300 वर्ग फुट क्षेत्र में अपने सौर ऊर्जा-आधारित पावर विंडो को सफलतापूर्वक स्थापित किया है। हालांकि वर्तमान में पारदर्शी पावरविंडो पूरे भवन की ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन कंपनी का दावा है कि कुछ और प्रयासों के साथ जल्द ही वे अपनी सौर खिड़कियों की व्यवहार्यता और बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में सक्षम होंगे। जापान की कंपनी निप्पन शीट ग्लास (एनएसजी) निगम की इमारत में भी पहली सौर खिड़की लगी है। कोलोराडो में भी एक निर्माणाधीन वाणिज्यिक भवन में पारदर्शी सौर खिड़कियां लग रही हैं। इससे यह कहा जा सकता है कि देर-सबेर हम अपने घरों में पारदर्शी बिजली पैदा करने वाली सौर खिड़कियां भी स्थापित करने में सक्षम हो सकते हैं।

Edited By: Jitendra Singh