जमशेदपुर, जासं। टाटा-झारसुगु़ड़ा के बीच 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से यात्री ट्रेन को दौड़ने की क्षमता वाली ट्रैक का निर्माण किया गया है। सितंबर माह से यात्री ट्रेनों का परिचालन इस रुट पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से होगा। यह बातें चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम विजय कुमार साहू ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन कर कही। उन्होंने कहा कि मालगाड़ी की रफ्तार वर्तमान में 17 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ा कर 38 किलोमीटर प्रतिघंटे कर दी गई है। सितंबर माह से इसकी रफ्तार में इजाफा करते हुए 50 किलोमीटर प्रतिघंटे कर दी जाएगी। 

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान थर्ड लाईन का कार्य तेजी से किया जा रहा है और वर्ष 2020 में पूरे होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राजखरसवां में थर्ड लाईन के कार्य का निरीक्षण 24 अगस्त को सीआरएस द्वारा किया जाएगा। गोइलकेरा-झारसुगुड़ा में तीन नए फुट ओवर ब्रिज के लिए गार्डर लगाए गए है। चाईबासा-टाटा कनेक्टिंग रोड को खोलने के लिए चाईबासा में रोड ओवर ब्रिज गार्डर लगाया गया है। इसके आलावा नयागढ़ में भी लाईन डबलिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल में करीब 150 रेलकर्मी कोरोना संक्रमित हुए है। जिनमें दो लोगों की मौत हो चुकी है। 

यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी रेलवे की पूरी

डीआरएम ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान राज्य सरकार के आग्रह पर ही जमशेदपुर और चक्रधरपुर में दो ट्रेनों के ठहराव पर रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार अगर इजाजत दे तो रेलवे यात्री ट्रेन का परिचालन शुरू कर सकती है। रेलवे ने ट्रेन के परिचालन की पूरी तैयारी कर रखी है। ट्रेन का परिचालन नहीं होने से रेलवे को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।  उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा पार्सल में बढ़ोतरी के लिए पोस्टल विभागके साथ समझौता किया गया है। इसके आलावा भी लोडिंग बढ़ाने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई बुकिंग की सुविधा भी लागू है। इसके साथ ही किलोमीटर के हिसाब से माल लोडिंग में भी रेलवे छूट देगा।

रेलवे ने खोला तीन गुड्स शेड

रेलवे ने राउरकेला, रुंगटा माइंस गुआ, देवघर में खोले है। अगले माह बारपल्ली, लतीकाता व लाइकेरा में गुड्स शेड खोलने जा रही है। इससे लोडिंग अनलोडिंग में रेलवे को सुविधा होगी। लॉकडाउन के दौरान रेलवे ई आफिस सिस्टम को लागू कर दिया है।

उद्योगपतियों के तैयार होने पर लोडिंग साइट तक पटरी बिछाएगी रेलवे

चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम विजय कुमार साहू ने बताया कि टाटानगर गुड्स शेड में ट्रेनों के माध्यम से गिट्टी की लोडिंग शुरू कर दी गई है। जो उद्योगपति पूरे रैक को बुकिंग करेंगे वैसे उद्योगपतियों के लोडिंग साइट तक रेलवे पटरी बिछाएगी। इसके लिए उद्योगपति को अपनी जमीन देनी होगी। जिस उद्योगपति के पास जमीन नहीं होगी उसको रेलवे जमीन मुहैया कराकर देगी परंतु उक्त जमीन का भाड़ा उद्योगपति को रेलवे को देना होगा।। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर से बंडामुंडा तक थर्ड लाइन का काम पूरा हो चुका है।

टाटानगर का अस्‍पताल छोटा

चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल को पूरी तरह से कोविड-19 अस्पताल में बदल दिया गया है परंतु टाटानगर का अस्पताल छोटा होने के कारण यहां कोविड-19 अस्पताल बनाना मुमकिन नहीं है। इस संबंध में लगातार पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से वार्ता हो रही है। करनडीह स्थित एलबीएसएम कॉलेज को कोविड-19 अस्पताल बनाने की तैयारी पर चर्चा हो रही है। इसमें जिला प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी, जबकि रेलवे मेडिकल सुविधा प्रदान करेगी। बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट भी बेहतर तरीके से काम कर रही है।

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