जमशेदपुर (जेएनएन)। ईद उल मिलाद नबी पर शहर के विभिन्‍न स्‍थानों पर जुलूस निकाला गया। सुंदरनगर में अधेड़ की लाश मिली है जिसकी शिनाख्‍त नहीं हो सकी। मानगो के कुमरूम बस्‍ती में एक विवाहिता ने फंदे से लटककर जान दे दी। ऑनलाइन लिंक नहीं मिलना झारखंड में ड़ाइपोर्ट नहीं खुलने का कारण बताया जा रहा है। 

ईद उल मिलाद नबी पर निकला जुलूस

जमशेदपुर में ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। जमशेदपुर के धतकीडीह  में सुबह लोगों ने जुलूस भी निकाला। जुलूस धतकीडीह के विभिन्न इलाकों में घूमा और सेंटर मैदान में एक मेला भी लगा।  जुगसलाई के इलाके में भी ईद मिलाद उन नबी का जश्न मनाया गया। मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड और न्यू पुरुलिया रोड में युवकों ने टोलियां बनाकर जुलूस निकाला और ईद मिलाद उन नबी की शान में नारे लगाए।गौरतलब है कि जमशेदपुर में हर साल तंजीम अहले सुन्नत के बैनर तले एक विशाल जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाता था। लेकिन इस बार अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तंजीम अहले सुन्नत के साथ जिला प्रशासन की एक बैठक हुई। इस बैठक के बाद तंजीम अहले सुन्नत ने जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकालने का फैसला किया लेकिन युवकों की छोटी मोटी टोलियां जरूर बाइक पर ईद मिलादुन्नबी के झंडे लगाते हुए निकलीं। 

सुंदरनगर में मिली अधेड़ की लाश 

सुंदरनगर थाना क्षेत्र में चाईबासा जाने वाले में रोड में काली मंदिर के लगभग 50 मीटर की दूरी पर जंगल मे  लावारिस लाश मिली है। सुंदरनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्‍जे में ले लिया। पुलिस ने आसपास के गांव के लोगों को बुलाकर शव की पहचान कराने की कोश्शि की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में शव का पंचनामा कर उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्‍पताल के शवगृह में रखवा दिया। दो दिन शव की पहचान कराने की कवायद चलती रहेगी। इसके बाद शव का पोस्‍टमार्टम कराया जाएगा। मृतक की उम्र का अंदाजा करीब 55 से 60 वर्ष के बीच लगाया जा रहा है। लाश करीब 3 से 4 दिन से पड़े रहने के कारण काफी क्षत-विक्षत है। लोगों के अनुसार यह एक विक्षिप्त व घुमंतू व्‍यक्ति था जो कभी कभी इस क्षेत्र में दिखता था।

मानगो के कुमरूम बस्‍ती में विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्‍महत्‍या 

मानगो थाना क्षेत्र के कुमरूम बस्‍ती गणेश टोला में एक विवाहिता रीता कर्मकार ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। रीता ने अपने कमरे में सीलिंग में लगे बांस के सहारे दुपट़टा बांधकर खुदकशी की। मृतका के पति शंकर कर्मकार ने उसका शव फंदे से उतारा। उसे एमजीएम अस्‍पताल ले गया। चिकित्‍सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शंकर ने शव को एमजीएम अस्‍पताल के शीतगृह में रखवा दिया। रविवार को पुलिस एमजीएम अस्‍पताल पहुंची। शव को शीतगृह से निकलवाया। रीता के शव का पोस्‍टमार्टम कराया गया। घटना के बारे में शंकर कर्मकार ने बताया कि शनिवार की दोपहर वह मछली पकड़ने नदी की तरफ गया था। घर में पत्‍नी रीता कर्मकार और उसके तीन बच्‍चे मौजूद थे। रीता ने दो बेटियों को बाहर खेलने के लिए भेज दिया। तीसरा बच्‍चा काफी छोटा है जिसे दूध पिलाने के बाद बिस्‍तर पर ही लिटा दिया। थोड़ी देर बाद जब बेटियां बाहर से खेलकर वापस घर पहुंची तो अपनी मां को फंदे से लटका हुआ पाया।  

ऑनलाइन लिंक नहीं मिलना झारखंड में ड़ाइपोर्ट नहीं खुलने का बन रहा कारण

झारखंड के जमशेदपुर में खुलने वाला पहला ड्राई पोर्ट तकनीकी समस्‍या की भेंट चढ़ रहा है।जमशेदपुर के बर्मामाइंस में सितंबर माह में ही ड्राई पोर्ट (इनलैंड कंटेनर डिपोर्ट-आईसीडी) का शुभारंभ होना था। इस ड्राइपोर्ट के माध्‍यम से प्रतिमाह 2000 कंटेनर सीधे पोर्ट में भेजने की सुविधा प्रदान की जानी थी।  इसका संचालन भारत सरकार का उपक्रम कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कंकोर) की ओर से किया जाना था। विश्वस्त सूत्रों की माने तो कस्टम विभाग द्वारा कंटेनर लोडिंग-अनलोडिंग को ऑनलाइन लिंक नहीं हो पाने के कारण ड्राई पोर्ट खुलने में देरी हो रही है। व्‍यवसायियों के संगठन एशिया के एक अधिकारी का दावा है कि 14 नवंबर को केंद्रीय सचिव तकनीकि पेचीदगी को कम करने आ रहे हैं। वे ऑटो कलस्टर में सभी उद्यमियों के साथ बैठक में भाग लेंगे। 

Posted By: Vikas Srivastava

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