संवाद सूत्र, चाकुलिया : बहरागोड़ा के कल्याण मंडप परिसर में आयोजित भाजपा की विधानसभा स्तरीय कोर कमेटी की बैठक के दौरान उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब मंच पर स्थान नहीं मिलने से नाराज भाजपा नेता समीर मोहंती बैठक से बाहर निकल गए। इसके बाद जितनी देर तक बैठक चली समीर अपने दर्जनों समर्थकों के साथ शांतिपूर्वक मंडप से बाहर मैदान में बैठे रहे। बैठक के बाद उन्होंने पार्टी के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश से मिलकर अपनी बातों को रखा। दरअसल हुआ यूं कि कोर कमेटी की बैठक के दौरान पार्टी प्रोटोकॉल के मुताबिक मंच पर पांच लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। बाकी लोगों को मन से नीचे की कुर्सियों पर बैठना था। जिन लोगों को मंच पर बैठना था, उनमें बैठक के मुख्य अतिथि दीपक प्रकाश, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, जिलाध्यक्ष सरोज महापात्रा, जिला संगठन प्रभारी देवेंद्र ¨सह एवं पार्टी के विधानसभा संयोजक चंडी चरण साव शामिल थे। कार्यक्रम शुरू होने के साथ ही जब मंचासीन अतिथि महापुरुषों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर रहे थे तभी पार्टी नेता समीर मोहंती ने हॉल में प्रवेश किया। मौके पर मौजूद पार्टी के जिला मंत्री गौरीशंकर महतो ने समीर महंती को मंच पर ले जाकर चंडीचरण साव वाली कुर्सी पर बैठने का इशारा किया, जिसपर चंडी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह पार्टी प्रोटोकॉल के खिलाफ होगा। उन्होंने समीर को मंच के नीचे लगी कुर्सियों पर बैठने को कहा। इससे नाराज होकर समीर बैठक से बाहर निकल गए। पीछे पीछे उनके कई समर्थक भी हॉल से बाहर चले गए। यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

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पार्टी अनुशासन से चलती है : सरोज

बहरागोड़ा की बैठक के दौरान मंच पर बैठने को लेकर उत्पन्न विवाद के बाबत पूछने पर भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज महापात्रा ने कहा कि पार्टी अनुशासन से चलती है। सबको प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। मंच पर कौन बैठेगा और भाषण कौन देगा, यह संयोजक कमेटी तय करती है। जमशेदपुर में आयोजित लोकसभा स्तरीय सम्मेलन में भी पार्टी के कई वरीय नेता मंच से नीचे कुर्सियों पर बैठे थे। इसलिए इसमें कोई विवाद की बात नहीं है। यह परिवार का मामला है इसे सुलझा लिया जाएगा।

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मैंने अनुशासन नहीं तोड़ा : समीर महंती

भाजपा कोर कमेटी की बैठक में मंच पर जगह नहीं मिलने से मर्माहत पार्टी नेता समीर महंती ने कहा कि मैं बैठक से बाहर जरूर निकल गया पर मैंने अनुशासन नहीं तोड़ा। न तो कोई नारेबाजी की और ना ही किसी तरह का हंगामा किया। पार्टी के जिला मंत्री गौरीशंकर महतो ने मुझसे मंच पर बैठने का आग्रह किया तो मैं मंच पर चला गया। लेकिन वहां जाकर मुझे पता चला कि शायद उनके बीच बैठने की मेरी योग्यता नहीं है। इसलिए निराश होकर बैठक से बाहर चला गया। कई कार्यकर्ता भी मेरे साथ बाहर आकर बैठ गए।

Posted By: Jagran