जमशेदपुर,जासं। आईएसएल के टिकट की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार 15 आरोपियों को जमशेदपुर सीजेएम कोर्ट से गुरुवार को जमानत मिल गई। सीजर लिस्ट में टिकट की विवरणी सही नहीं होने और कालाबाजारी के पर्याप्त सबूत के अभाव का आरोपितों को फायदा मिला। पुलिस ने धारा 406 और  420 के तहत करवाई की थी।

नौ दिसंबर को बिष्टुपुर पुलिस ने जेआरडी के पास  टिकट की कालाबाजारी करते 15 लोगों को पकड़ा था। बिष्टुपुर थाने की पुलिस को बुधवार की रात जमशेदपुर एफसी और चेन्नइयन एफसी के बीच होने वाले मैच के टिकटों की कालाबाजारी सूचना मिली थी। सूचना के बाद जवानों से साथ सादी वर्दी में थाना प्रभारी राजेश प्रकाश सिन्हा जेआरडी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के टिकट काउंटर के पास पहुंचे। टिकट के साथ ही कांप्लीमेंट्री पास बेच रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने कुल 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

प्रतीक ने खोला था सरगना का राज

सबसे पहले पुलिस ने सोनारी के कार्मेल स्कूल के पास रहने वाले प्रतीक को गिरफ्तार किया था। प्रतीक के पास से 12 कांप्लीमेंट्री पास बरामद हुए थे। प्रतीक ने ही पुलिस को पूछताछ में बताया था कि उसे पास होटल का मैनेजर देता है। इसके बाद पुलिस ने प्रतीक से वहां मौजूद कालाबाजारी करने वाले अन्य 13 लोगों की पहचान कराई और एक-एक कर सबको गिरफ्तार कर लिया गया था।

ये लोग हुए थे गिरफ्तार 

बिष्टुपुर के सेंटर प्वाइंट होटल का मैनेजर रांची का कांटाटोली निवासी दानिश अनवर, सोनारी का प्रतीक अग्रवाल, साकची का भोला कुमार, बिष्टुपुर का विक्की सोना, सीतारामडेरा का बलराम कुमार, सोनारी का आयुष अग्रवाल, कदमा का असित गौड़, कदमा का गौरांग पात्रो, मानगो के आजादनगर का सद्दाम, जाकिर नगर का तनवीर आलम, मानगो आजादनगर का सादिक अंसारी, आजाद बस्ती का अयाज, कदमा का महताब आलम, उलीडीह का ज्ञानचंद्र और संजय साहू।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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