घाटशिला, जासं। अधिकांश जंगली हाथियों के पड़ोसी राज्य चले जाने के बावजूद छिटपुट बचे हाथियों का उत्पात अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। इनमें सबसे अधिक उपद्रव झुंड छोड़ कर अकेले घूम रहा हाथी मचा रहा है। शुक्रवार की रात भी एक हाथियों ने बड़ामारा, लोधासोली एवं कालापाथर पंचायत के गांव में जमकर उत्पात मचाया। चौथिया में मुख्य सड़क किनारे स्थित अजय शर्मा की आटा चक्की सह बगीचे की पक्की चारदीवारी ध्वस्त कर अंदर घुस गया। बगीचे में लगे आम के पेड़ों से तोड़कर खूब आम खाया। इसके बाद कई पेड़ की डालियों को मरोड़ कर पूरे बगीचे को तहस-नहस कर डाला। इसके बाद राधे हांसदा के घर की खिड़की एवं लोहे का ग्रिल तोड़कर कमरे के भीतर रखा कई क्विंटल धान चट कर गया।

घर में घुसकर धान चट कर गए हाथी

पीड़ित ने बताया कि तड़के करीब 4 बजे विशालकाय सिंगल हाथी आया। पहले उसने खिड़की तोड़ी फिर सूंड को अंदर डाल दिया और आराम से धान खाने लगा। यहां से निकल कर गजराज मुख्य सड़क स्थित तुषारकांति महतो का होटल पहुंचा। होटल का दरवाजा तोड़कर जो कुछ मिला चट कर गया। इसके बाद गांव के शरद चंद्र महतो तथा शिव चरण महतो के घर को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंचाया। इसके बाद कालापाथर पंचायत के उदाल गांव में घुसकर परितोष पातर का घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। लोधासोली के ग्रामीणों ने बताया कि 10-11 हाथियों का एक झुंड देवसोल कलसीमूंग जंगल में डटा हुआ है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं।

वन विभाग ने लिया क्षति का जायजा

हाथियों के उत्पात की सूचना मिलने पर वन विभाग की ओर से स्थल निरीक्षण किया गया। वन रक्षी विकास चंद्र सीट ने पीड़ितों से मुलाकात कर हाथों द्वारा की गई क्षति का जायजा लिया तथा उन्हें मुआवजा फार्म प्रदान किया। कालापाथर के मुखिया शिवचरण हांसदा तथा बड़ा मारा के मुखिया दशरथ मुर्मू ने अपने अपने पंचायत के हाथी प्रभावित लोगों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।

Edited By: Madhukar Kumar